Jauhar University Row: जौहर यूनिवर्सिटी पर ‘बुलडोजर’ की तैयारी! अखिलेश-डिंपल का भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार

रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन के बुलडोजर एक्शन के खिलाफ अखिलेश और डिंपल यादव ने मोर्चा खोल दिया है। सपा अध्यक्ष ने शिक्षा विरोधी एजेंडा बताया, तो डिंपल ने सरकार के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए।

Jauhar University Row

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 16, 2026

Jauhar University Row: रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर की कार्रवाई की तैयारी ने सूबे की राजनीति गरमा दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा पर शिक्षा विरोधी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को शिक्षा के क्षेत्र में भी सांप्रदायिकता नजर आती है। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि भाजपा के एजेंडे में न तो शिक्षा है, न शिक्षक और न ही युवाओं को रोजगार। उन्होंने भाजपा के ‘अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों’ के अवैधानिक निर्माणों पर चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए।

डिंपल यादव का तीखा सवाल

मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने इस कार्रवाई को सरकार की ‘बुलडोजर नीति’ का हिस्सा बताते हुए छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाला कदम करार दिया। एक समाचार एजेंसी से बातचीत में उन्होंने सीधे तौर पर सरकार की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। डिंपल ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार का बुलडोजर छात्रों और विपक्षी नेताओं के संस्थानों पर तो खूब चलता है, लेकिन जब राम मंदिर में चोरी जैसे गंभीर मामले सामने आते हैं, तो यह ‘थक’ क्यों जाता है? उन्होंने इस दोहरे मापदंड को भाजपा सरकार की राजनीतिक दुर्भावना बताया।

क्या है जौहर यूनिवर्सिटी का पूरा मामला?

रामपुर प्रशासन ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के एक बड़े हिस्से को अवैध करार देते हुए उस पर बुलडोजर चलाने की योजना बनाई है। स्थानीय प्राधिकरण के अनुसार, यह कार्रवाई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की जा रही है। मुख्य विवाद यूनिवर्सिटी परिसर से गुजरने वाली एक तीन किलोमीटर लंबी और चार लेन वाली सड़क को लेकर है, जिसे अब सार्वजनिक ‘आम रास्ता’ घोषित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर साइन बोर्ड लगाकर इसे जनता के लिए खोल दिया गया है। गौरतलब है कि इस सड़क का निर्माण 2016-17 में अखिलेश यादव की सरकार के दौरान पीडब्ल्यूडी (PWD) द्वारा करीब 17.16 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था।

‘बुलडोजर न्याय’ बनाम ‘कानून का शासन’

यह पूरा घटनाक्रम प्रदेश में चल रही बुलडोजर संस्कृति और कानून के शासन के बीच जारी खींचतान को एक बार फिर से सुर्खियों में ले आया है। जहां एक ओर प्रशासन इसे अवैध निर्माणों के खिलाफ एक नियमित कानूनी प्रक्रिया बता रहा है, वहीं विपक्षी दल इसे राजनीतिक प्रतिशोध की पराकाष्ठा बता रहे हैं। जौहर यूनिवर्सिटी मामले में इस नई कार्रवाई से न केवल रामपुर का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है।