Japan Snowstorm 2026: जापान के उत्तरी और तटीय इलाकों में कुदरत ने पिछले दो हफ्तों से अपना रौद्र रूप अख्तियार कर रखा है। लगातार हो रही भीषण बर्फबारी ने कई शहरों को बर्फ की मोटी चादर के नीचे दबा दिया है, जिसे अब स्थानीय लोग ‘सफेद मौत’ का नाम दे रहे हैं। जापानी अधिकारियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा ने अब तक 35 लोगों की जान ले ली है। दुःखद बात यह है कि मरने वालों में बड़ी संख्या उन बुजुर्गों की है, जो अपने घरों की छतों से भारी बर्फ हटाने की कोशिश कर रहे थे। कुछ लोगों की मौत छत से फिसलने के कारण हुई, तो कुछ को अत्यधिक ठंड और परिश्रम के कारण दिल का दौरा पड़ गया।
40 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा: 2 मीटर तक जमी बर्फ की मोटी परत
मौसम विभाग और सरकारी एजेंसियों के मुताबिक, बुधवार तक जापान के 15 प्रीफेक्चर्स इस बर्फीले तूफान की चपेट में आ चुके हैं। कुछ पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में तो 2 मीटर (लगभग 6.5 फीट) तक बर्फ जमा हो चुकी है, जिससे घरों के दरवाजे और खिड़कियां तक बंद हो गई हैं। जापान का प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्र निगाता इस आपदा का केंद्र बना हुआ है, जहाँ अकेले 12 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा, अकिता और यमागाता में भी क्रमशः 7 और 5 मौतें दर्ज की गई हैं। अओमोरी क्षेत्र में 183 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है, जिसने पिछले 40 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
हादसों का खौफनाक मंजर: घायलों की संख्या 400 के करीब
बर्फबारी केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जानलेवा हादसों का सबब बन रही है। निगाता के उओनुमा शहर में एक 50 वर्षीय व्यक्ति की छत से गिरने से मौत हो गई, जबकि नागाओका में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग अपने घर के बाहर बेसुध मिले, जिन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। प्रशासन के अनुसार, अब तक 393 लोग विभिन्न हादसों में घायल हुए हैं, जिनमें से 126 की स्थिति नाजुक बनी हुई है। बर्फ के भारी वजन के कारण निगाता और अओमोरी में 14 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं।
कैबिनेट सचिव की चेतावनी: भूस्खलन और फिसलन का नया खतरा
जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने देश को संबोधित करते हुए गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि भले ही आने वाले दिनों में तापमान में मामूली वृद्धि हो, लेकिन यह अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। बर्फ पिघलने से पहाड़ों पर भूस्खलन (Landslides) और छतों से बर्फ गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अकेले बर्फ साफ न करें और सुरक्षा के लिए हेलमेट तथा लाइफलाइन रस्सी का उपयोग जरूर करें। प्रशासन ने बिजली कटौती और यातायात ठप होने की स्थिति में लोगों को घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी है।
सेना की तैनाती और राहत कार्य: टास्क फोर्स ने संभाली कमान
बढ़ते संकट को देखते हुए जापानी सरकार ने एक विशेष ‘डिजास्टर टास्क फोर्स’ का गठन किया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज (जापानी सेना) को मैदान में उतारना पड़ा है। सेना के जवान वर्तमान में बर्फ हटाने, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और आवश्यक खाद्य सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि आने वाले वीकेंड में एक और शक्तिशाली शीतकालीन सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे और अधिक भारी बर्फबारी होने की संभावना है। प्रशासन अब आगामी दिनों की चुनौतियों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर है।
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