Japan Earthquake: जापान में भूकंप से भारी तबाही, 23 से ज्यादा घायल; कई इलाकों में ब्लैकआउट

जापान की राजधानी टोक्यो और पूर्वी क्षेत्रों में 5.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे 23 से ज्यादा लोग घायल हो गए और कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ।

Japan Earthquake

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 23, 2026

Japan Earthquake: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को लेकर एक अनोखा मामला सामने आया है। राज्य के एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने उनकी पूजा और मंदिर निर्माण की इच्छा जताते हुए उन्हें एक प्रार्थना पत्र भेजा है, जिसके बाद से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

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क्या है पूरा मामला?

अलीगढ़ के थाना बन्ना देवी क्षेत्र के रहने वाले भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आरटीआई एक्टिविस्ट पंडित केशव देव गौतम ने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का मंदिर बनवाने की मांग की है।

प्रार्थना पत्र भेजा: गौतम ने अपनी निजी जमीन पर मायावती की प्रतिमा स्थापित करने और मंदिर के निर्माण के लिए उनकी अनुमति एवं आशीर्वाद मांगने हेतु एक आधिकारिक पत्र भेजा है।

खैर तहसील में निर्माण: पंडित केशव देव गौतम अलीगढ़ जिले की खैर तहसील क्षेत्र में स्थित अपनी निजी जमीन पर इस मंदिर का निर्माण कराना चाहते हैं।

पंडित केशव देव गौतम के विचार

मायावती को भेजे गए पत्र और इस पहल के पीछे के कारणों को स्पष्ट करते हुए गौतम ने कई बातें साझा की हैं:

देवी स्वरूप के रूप में आस्था: गौतम का कहना है कि वे खुद एक ब्राह्मण हैं, लेकिन उन्होंने वर्षों से पीड़ित और शोषित समाज के लिए मायावती द्वारा किए गए त्याग, समर्पण और संघर्ष को बेहद करीब से देखा है, इसलिए वे उन्हें ‘देवी स्वरूप’ मानते हैं।

निजी प्रेरणा: उनके अनुसार, यह पूरी तरह से उनके अपने निजी विचार हैं। मायावती का जीवन यह सिखाता है कि संघर्ष क्या होता है और उसे कैसे लड़ा जाता है।

आने वाली पीढ़ी के लिए संदेश: गौतम का मानना है कि इस मंदिर के निर्माण से समाज में जागरूकता आएगी और आने वाली युवा पीढ़ी उनके त्याग और संघर्ष भरे जीवन से प्रेरणा लेगी।

राजनीतिक सफर और विजन की सराहना

पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन की प्रशंसा करते हुए गौतम ने कहा कि मायावती ने अपना पूरा जीवन देश और प्रदेश के उत्थान के लिए समर्पित किया है।

निदाग छवि: उनके अनुसार, मायावती ने अपने पूरे जीवन में ऐसा कोई कार्य नहीं किया जिससे उनके राजनीतिक या व्यक्तिगत दामन पर कोई दाग लगा हो।

सर्वजन हिताय का विजन: गौतम का यह भी कहना है कि आलोचकों की परवाह किए बिना उन्होंने हमेशा ‘सर्वजन हिताय’ और ‘सर्वजन सुखाय’ के मूल मंत्र पर काम किया है। यही वजह है कि उनके भीतर यह भावना जागी कि वे मायावती का मंदिर बनवाएं ताकि उनके संघर्षों की गाथा आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सके। इस अनूठी मांग के सामने आने के बाद से राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

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