Jantar Mantar Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर चल रहे ऐतिहासिक आंदोलन को समाप्त करने के ऐलान के बाद देश भर से प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी कड़ी में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को देश के लोकतंत्र की एक बड़ी और सच्ची जीत करार दिया है। साथ ही, उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताते हुए देश के युवाओं और आंदोलनकारियों के अनुशासन की जमकर सराहना की है।
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सरकार और धर्मेंद्र प्रधान के कदम का किया स्वागत
सोनम वांगचुक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा उठाए गए इस कदम का वह पूरी तरह से स्वागत और सम्मान करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर देश के सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि भारत के जीवंत लोकतंत्र की जीत है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आगे भी देश के लोग इसी तरह सजग रहकर भारत में लोकतंत्र और उसके मूल मूल्यों को सुरक्षित और मजबूत बनाए रखेंगे। उन्होंने विशेष रूप से देश की युवा पीढ़ी और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के सभी भाइयों-बहनों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस गंभीर मुद्दे को सबसे पहले उठाया और देशव्यापी स्तर पर आवाज बुलंद की।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अहिंसा की ताकत पर जोर
आंदोलन के दौरान बनाए गए अनुशासन की तारीफ करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन के दौरान छात्रों, युवाओं और बुजुर्गों ने जिस गजब की शांति और संयम का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदर्शन स्थल पर जिस प्रकार शांति व्यवस्था बनाए रखी गई, वह इस बात का सबूत है कि शांति की ताकत के आगे दुनिया का कोई भी हथियार नहीं टिक सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी देशवासी इसी तरह शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलते रहेंगे और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचेंगे।
“विजय में विनम्रता ही आपके असली चरित्र को परिभाषित करती है”
अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक बात कही। उन्होंने कहा, “विजय में विनम्रता सबसे बड़ी बात होती है और वही आपके चरित्र को परिभाषित करती है।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस जीत के बाद अति-उत्साहित होने के बजाय संयम और विनम्रता का परिचय दें।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार और एक ‘नए भारत’ की उम्मीद
भविष्य की रूपरेखा पर बात करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि एक तरफ जहां सरकार की जवाबदेही तय हो गई है, वहीं अब देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस आंदोलन के बाद अब शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे और इस पर आगे भी पूरी गंभीरता से काम किया जाएगा।
उन्होंने अंत में कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि यह घटनाक्रम देश में एक ‘नए भारत’ की खूबसूरत शुरुआत साबित होगा और सरकार इस बदलाव के साथ देशहित में कई अन्य जरूरी सुधार भी लेकर आएगी।










