Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन कर रहे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्रों ने आखिरकार अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। नीट विवाद को लेकर छात्रों की आवाज उठा रहे नेहा, मनीष और आमीन ने कई प्रमुख हस्तियों की अपील के बाद अनशन खत्म करने का निर्णय लिया। छात्रों ने कहा कि उनका संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। वे आगे की रणनीति तैयार करेंगे और आंदोलन को नए तरीके से आगे बढ़ाने की योजना बनाएंगे।
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प्रमुख हस्तियों की अपील के बाद लिया निर्णय
छात्रों का अनशन समाप्त कराने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल जंतर-मंतर पहुंचा था, जिसमें कई जानी-मानी हस्तियां और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल में अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता प्रकाश राज, सांसद मनोज झा, राजाराम सिंह, अमरा राम, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. योगेंद्र यादव, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और प्रोफेसर अतुल सूद मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने छात्रों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया और उनके संघर्ष की सराहना की।
योगेंद्र यादव बोले- संघर्ष का तरीका बदला है
अनशन खत्म कराने के दौरान डॉ. योगेंद्र यादव ने कहा कि यह आंदोलन की हार नहीं है, बल्कि भूख हड़ताल जैसे संघर्ष के तरीके का समापन है। उन्होंने कहा कि छात्रों का मुद्दा अभी भी महत्वपूर्ण है और आगे की लड़ाई के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी। AISA की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि छात्र अब आंदोलन के अगले चरणों को लेकर योजना बनाएंगे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।
मनोज झा और शबाना आजमी ने छात्रों का बढ़ाया हौसला
सांसद डॉ. मनोज झा ने छात्रों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने जिस तरह से अपनी बात रखी, वह महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन ने सरकार को कई सवालों के सामने खड़ा किया है। वहीं, अभिनेत्री शबाना आजमी इस दौरान भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि पुरानी पीढ़ी युवाओं के लिए बेहतर भविष्य बनाने में पूरी तरह सफल नहीं हो सकी, लेकिन छात्रों के संघर्ष ने आगे का रास्ता दिखाया है।
सोनम वांगचुक की सेहत पर डॉक्टरों की नजर
इसी बीच जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी जानकारी सामने आई है। वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार, उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक जैसे ब्लड प्रेशर और पल्स रेट फिलहाल स्थिर हैं। हालांकि, लंबे समय तक उपवास करने के कारण उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी जरूरी बताई गई है।
विशेषज्ञों की टीम कर रही लगातार निगरानी
सफदरजंग अस्पताल और एम्स, नई दिल्ली के डॉक्टरों की संयुक्त टीम वांगचुक के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे उपवास के बाद शरीर में होने वाले बदलावों को देखते हुए नियमित जांच और क्लिनिकल मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। कई विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति का आकलन कर रही है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार किया जा सके।
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आंदोलन का अगला चरण होगा महत्वपूर्ण
AISA छात्रों द्वारा अनशन खत्म किए जाने के बाद अब सभी की नजर आंदोलन की आगे की दिशा पर है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों और मुद्दों को लेकर आगे भी सक्रिय रहेंगे।










