Jantar Mantar protest: देश की राजधानी के ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर पर नीट (UG) पेपर लीक मामले और अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक और सामाजिक उबाल चरम पर है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले सैकड़ों छात्र और युवा दिल्ली की सड़कों पर उतर आए हैं। दिल्ली प्रशासन द्वारा दी गई निर्धारित समयसीमा शाम पांच बजे समाप्त होने के बाद भी पार्टी के संस्थापक और आंदोलन की अगुवाई कर रहे अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर डटे हुए हैं। दीपके ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
दिल्ली पुलिस ने अनुमति बढ़ाने से किया इनकार
जंतर-मंतर पर मचे इस सियासी घमासान के बीच दिल्ली पुलिस और प्रशासन का रुख बेहद कड़ा नजर आ रहा है। आंदोलनकारियों की भीड़ को देखते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस से आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन की अवधि को आगे बढ़ाने की लिखित अपील की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुप्रीम कोर्ट के पुराने दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति बढ़ाने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है।
प्रशासनिक घोषणा के मुताबिक, शाम 5:00 बजे के बाद जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के जमावड़े की वैधानिक अनुमति नहीं है। समयसीमा खत्म होते ही दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल से खदेड़ने और हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, भारी सुरक्षा घेरे और कार्यकर्ताओं की मजबूत लामबंदी के कारण पुलिस बल अभी तक आंदोलन के मुख्य मंच वाले संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पाया है।
थाली-चम्मच और पोस्टरों के साथ छात्रों का अनोखा प्रदर्शन
इस राष्ट्रव्यापी मुद्दे पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में दिल्ली और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र, युवा और पीड़ित अभ्यर्थी हाथों में बैनर, विवादित परीक्षाओं के पोस्टर और प्रतीकात्मक रूप से थाली-चम्मच लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा विवाद, पेपर लीक और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लचर प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने पूरी शिक्षा व्यवस्था में तत्काल पारदर्शिता, जवाबदेही और दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाकर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
पीएम मोदी को लिखा खुला पत्र
इस बड़े आंदोलन की शुरुआत करने से पहले सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र भी प्रेषित किया था। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और मंत्रियों की जवाबदेही तय करने का आग्रह किया था। दीपके ने कहा कि यदि सरकार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा सुधारों पर कोई सकारात्मक या ठोस पहल करती है, तो वे बातचीत की मेज पर आने को तैयार हैं।
वहीं, पुलिसिया कार्रवाई के बीच मंच से बोलते हुए दीपके ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका व्यक्त की। उन्होंने देश भर के युवाओं से बेहद भावुक अपील करते हुए कहा, “दिल्ली पुलिस मुझे किसी भी वक्त गिरफ्तार कर सकती है। लेकिन मेरी गिरफ्तारी के बाद भी देश की शिक्षा व्यवस्था और करोड़ों छात्रों के हक की यह शांतिपूर्ण लड़ाई रुकनी नहीं चाहिए।” वर्तमान में जंतर-मंतर पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और भारी पुलिस बल के साथ महिला पुलिसकर्मी तथा सीसीटीवी कैमरों से पूरे इलाके की चप्पे-चप्पे पर निगरानी की जा रही है।
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