Jantar Mantar Protest: सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल ‘चलो संसद’ मार्च का आयोजन किया। इस शांतिपूर्ण मार्च के जरिए प्रदर्शनकारी छात्र नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak Scam) पर सरकार से जवाब और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
बताते चले कि, तनाव तब बढ़ गया जब शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहे छात्रों पर पुलिस बल ने लाठियां भांज दी। जंतर-मंतर पर हुए इस लाठीचार्ज की खबर फैलते ही विपक्षी खेमे में भारी आक्रोश फैल गया। छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने और पुलिसिया कार्रवाई का विरोध करने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल तुरंत धरना स्थल पर पहुंच गया।
सपा सांसदों का संसद के बाहर महासंग्राम
आपको बता दे कि, इस बड़े छात्र आंदोलन को समर्थन देने के लिए समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता डिंपल यादव, कैराना सांसद इकरा हसन, प्रिया सरोज, जियाउर्रहमान बर्क, राजीव राय, रुचि वीरा और धर्मेंद्र यादव सहित कई सांसद जंतर-मंतर पहुंचे। इन सभी जनप्रतिनिधियों के हाथों में ‘नीट है या चीट है’ की तख्तियां और बैनर थे।
संसद परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव की पत्नी और सपा सांसद डिंपल यादव ने बेहद तल्ख लहजे में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश का भविष्य कहे जाने वाले नौजवान अपनी जायज मांगों के लिए लाठियां खा रहे हैं। डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि नीट की पूरी परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह करप्ट हो चुकी है और वर्तमान सरकार छात्रों की आवाज को अनसुना कर रही है। अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है, क्योंकि देश में किसान और नौजवान दोनों ही बेहाल हैं। वहीं इकरा हसन ने भी नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग की।
अखिलेश यादव का सीधा तीखा हमला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने भी इस छात्र आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह शासन नहीं, बल्कि अहंकार है, जो शोक और श्रद्धांजलि में भी भेदभाव करता है। अखिलेश यादव ने एक बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय परीक्षा घोटाले और पेपर लीक के पीछे सीधे तौर पर बीजेपी के लोग ही शामिल हैं। अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के युवा सांसदों को जंतर-मंतर जाकर छात्रों का हौसला बढ़ाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने आंतरिक राजनीतिक खींचतान पर चुटकी लेते हुए कहा कि लखनऊ वाले (उत्तर प्रदेश सरकार) दिल्लीवालों (केंद्र सरकार) को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्लीवालों ने भव्य मंदिर का उद्घाटन किया था, इसलिए अब लखनऊ वालों ने जांच बैठाकर पूरे कंट्रोल को अपने हाथ में ले लिया है।
जियाउर्रहमान बर्क ने सरकार पर साधा निशाना
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी सरकार के इस तानाशाही रवैए की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश के नौजवानों और छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सपा का प्रतिनिधिमंडल संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के अधिकारों की लड़ाई बेहद मजबूती से लड़ रहा है।
जियाउर्रहमान बर्क ने लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्हें जबरन हिरासत में लेकर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है, जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को अपनी हठधर्मी और जिद छोड़नी होगी और आंदोलनकारियों के साथ तुरंत टेबल पर बैठकर सकारात्मक संवाद स्थापित करना चाहिए ताकि उनकी जायज मांगों को पूरा किया जा सके।










