Janmashtami Vrat Diet: जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं, जिससे कमजोरी और थकान से बचें?

जन्माष्टमी पर लाखों श्रद्धालु व्रत रखते हैं, लेकिन लंबे उपवास के दौरान कमजोरी और थकान परेशान कर सकती है। ऐसे में फल, मखाना, साबूदाना और कुट्टू जैसे व्रत वाले विकल्प मददगार हो सकते हैं। पानी और तरल पदार्थों की कमी न हो, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है।

जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 2, 2026

Janmashtami Vrat Diet: देशभर में जन्मष्टमी का पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के साथ व्रत रखते हैं। ऐसे में कुथ लोग निर्जला उपवास करते हैं, तो वहीं कई लोगों फलहार के साथ व्रत रखते हैं। जबकि इस दौरान कई लोगों को थकान, सिरदर्द या चक्कर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिससे मन में ये संदेह आता है कि आखिर ऐसा क्या खाए, जो कि पूरे दिन ऊर्जा प्रदान करती रहे। आइए खाने की पूरी लिस्ट देखते हैं।

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व्रत से पहले ये न खाएं

अगर आप भी पूरे दिन व्रत रहने की सोच रहे हैं, तो इसकी शुरुआत से पहले कोशिश करें कि हल्का ही भोजन खाएं, भारी भोजन आपके सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता हैं। शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिले और डिहाइड्रेशन की समस्या न हो इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।

फल जरूर खाएं

बताते चलें कि, अगर आप फलाहारी व्रत रहते हैं तो इसके लिए केला, सेब, पपीता और अनार जैसे फल आप उपवास में जरूर शामिल करें। इससे आपके शरीर में पानी, मिनरल्स की कमी नहीं होती और लंबे समय तक भूख और ऊर्जा को संभालने में मदद मिल सकता हैं।

साबूदाना एक अच्छा विकल्प

उपवास के चलते साबूदाना एक पौष्टिक फूड माना जाता है। जिससे आप खिचड़ा बनाकर खाएंगे तो पूरे दिन ऊर्जा बनी रहेगी। इसके साथ ही समा के चावल यानी बार्नयार्ड मिलेट से बनी खिचड़ी या पुलाव भी लिया जा सकता है। समा चावल को व्रत के लिए इस्तेमाल होने वाले हल्के खाद्य विकल्पों में गिना जाता है। वहीं साबूदाना या समा चावल को बहुच ज्यादा तेल, घी या तली हुई सामग्री के साख खाने से बचना बेहतर हो सकता है।

कुट्टू और मखाने से क्या फायदा

कुट्टू के आटे से बनी रोटी, पराठा या अन्य व्रत की चीजें भी खाई जाती हैं। बता दें कि, कुट्टू में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा होती है। वहीं मखाने को हल्का भूनकर स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है। इन्हें  जरूरत के अनुसार सीमित मात्रा में लेना बेहतर है।

पानी और दूसरे पदार्थ

जो भी निर्जला उपवास नहीं रखते, उन्हें पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करते रहना चाहिए। साथ ही पानी के अलावा नारियल पानी, छाछ या नींबू पानी जैसे ऑप्शन हो सकते हैं। खासकर गर्मी के मौसम में पानी की कमी से थकान और चक्कर जैसी पेरशानी बढ़ सकती है।

व्रत खोलते समय इस बात का रखें ध्यान

काफी घंटो तक व्रत रखने के बाद जब भी आप उपवास खोलते हैं तो तला-भुना और ज्यादा खाना खाने से बचें। व्रत खोलते वक्त पहले हल्का भोजन खाएं, जिसमें खिचड़ी, रोटी आदि शामिल हैं।

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