सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा ‘जना नायकन’ को रोकने की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है। श्री मोदी, आप तमिल लोगों की आवाज को कभी दबा नहीं पाएंगे।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई।राहुल गांधी की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई जब तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख विजय की बहुप्रतीक्षित बहुभाषी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज अपरिहार्य कारणों से टाल दी गई। यह फिल्म पहले 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन प्रमाणन से जुड़ी प्रक्रिया में देरी के चलते इसे स्थगित करना पड़ा।
मद्रास हाईकोर्ट का CBFC को निर्देश
इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने अहम हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को ‘जन नायकन’ को सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने CBFC द्वारा फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजने के आदेश को रद्द कर दिया, जिससे फिल्म निर्माताओं को बड़ी राहत मिली।फिल्म को 18 दिसंबर को CBFC के पास प्रमाणन के लिए जमा किया गया था। जांच समिति ने कुछ आपत्तियां जताईं और कई कट सुझाए। फिल्म की टीम ने इन सभी बदलावों को स्वीकार कर लिया। इसके बाद 22 दिसंबर को समिति ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की, लेकिन इसके बावजूद प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया, जिससे रिलीज में देरी हुई।
रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजे जाने से भड़का विवाद
5 जनवरी को एक शिकायत के आधार पर CBFC ने फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया। इसी फैसले ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया। तमिलनाडु में इसे केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के रूप में देखा गया, जिससे विवाद और गहरा गया।फिल्म प्रमाणन को लेकर तमिलनाडु में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस नेताओं ने अभिनेता विजय के समर्थन में मोर्चा संभालते हुए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती और लोकसभा सांसद एस जोतिमणि ने आरोप लगाया कि केंद्र के दबाव के कारण फिल्म को समय पर सर्टिफिकेट नहीं मिला।
केंद्र सरकार ने आरोपों को किया खारिज
इस पूरे विवाद पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने केंद्र की भूमिका से इनकार किया। कोयंबटूर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “हम विजय पर दबाव क्यों डालेंगे?” मुरुगन ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि प्रमाणन प्रक्रिया स्वतंत्र और नियमों के अनुसार होती है।‘जन नायकन’ को लेकर उठा यह विवाद अब केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रहा। यह तमिल संस्कृति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़ा बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। राहुल गांधी के बयान के बाद यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का केंद्र बन गया है।










