Jamui Firing Outside Mosque: बिहार के जमुई जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रविवार की शाम इबादत के बाद घर लौट रहे ग्रामीणों पर अपराधियों ने गोलियों की बौछार कर दी। इस हिंसक वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कैंप कर रही है।
Bird Flu Alert in Bihar: बिहार में बर्ड फ्लू को लेकर ‘हाई अलर्ट’, पटना के इन 3 इलाकों को घोषित किया गया संक्रमित जोन
मस्जिद के बाहर घात लगाकर हमला
बताते चले कि, जमुई जिले के सिकंदरा थाना अंतर्गत जखरा गांव में रविवार देर शाम उस वक्त कोहराम मच गया, जब रोजा खोलने के बाद मस्जिद से नमाज अदा कर बाहर निकल रहे लोगों को निशाना बनाया गया। शाम करीब 7:00 बजे, जब लोग शांतिपूर्ण तरीके से बाहर आ रहे थे, पहले से घात लगाए बैठे हथियारबंद अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने लगभग 15 से 20 राउंड गोलियां चलाईं। अचानक हुई इस गोलीबारी की घटना (Shooting Incident) से गांव में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन हमलावरों का इरादा पूरी तरह स्पष्ट था।
गोलीबारी में घायल पीड़ितों की पहचान
इस हिंसक हमले में चार युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। घायलों की पहचान नुमान खान, मोफीज खान, अरबाज खान और अरमान खान के रूप में हुई है, जो सभी जखरा गांव के ही निवासी हैं। गोलियां पीड़ितों के महत्वपूर्ण अंगों जैसे छाती, गर्दन और कंधे में लगी हैं, जिससे उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति (Critical Condition) को देखते हुए चारों को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि नुमान खान की हालत सबसे ज्यादा नाजुक है और वह जीवन-मौत के बीच जूझ रहा है।
पुरानी रंजिश बना हिंसक वारदात की मुख्य वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों के अनुसार, इस जानलेवा हमले के पीछे पुरानी रंजिश (Old Enmity/Grudge) मुख्य कारण निकलकर सामने आ रही है। घायल नुमान के पिता मकसूद खान ने बताया कि करीब छह महीने पहले खेत में मवेशी चराने को लेकर विवाद हुआ था, जिसने बाद में हिंसक मारपीट का रूप ले लिया था।
उस समय मामला पुलिस तक पहुंचा था और आरोपियों को जमानत मिल गई थी। परिजनों का आरोप है कि उसी रंजिश का बदला लेने के लिए रिजवान खान उर्फ नाटो और उसके पुत्रों ने इस साजिश को अंजाम दिया है। इस आपराधिक वारदात (Criminal Offense) ने एक छोटे से विवाद के गंभीर परिणामों को उजागर किया है।
सुरक्षा बलों की तैनाती
वारदात के बाद गांव में दो गुटों के बीच भारी तनाव व्याप्त है। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तीन थानों की पुलिस को मौके पर तैनात कर दिया है। एसडीपीओ सतीश सुमन ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का बयान दर्ज किया और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
बिहार पुलिस ने मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली है, जिनमें रिजवान खान, गुफरान, अब्दुल्लाह और शमीम के नाम शामिल हैं। पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं जो अपराधियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी (Raids) कर रही हैं। फिलहाल, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में भारी पुलिस बल मुस्तैद है।










