Jalaun Road Accident: जालौन में काल बनकर आई एक झपकी, अयोध्या से लौट रहे परिवार के 6 लोगों की मौत

जालौन के कालपी में एक भीषण सड़क हादसे में अयोध्या से लौट रहे एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई और 4 अन्य घायल हैं। ड्राइवर को झपकी आने के कारण कार आगे चल रहे वाहन से टकरा गई। घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ प्रशासन की भारी लापरवाही भी सामने आई।

Jalaun Road Accident

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 4, 2026

Jalaun Road Accident: उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में सोमवार की सुबह एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। कालपी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जोल्हुपुर मोड़ के समीप हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। अयोध्या से रामलला के दर्शन कर वापस लौट रहे एक ही परिवार के 10 सदस्यों की कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 6 लोगों की जान चली गई।

अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन से टकराई कार

बताते चले कि, हादसे की मुख्य वजह मानवीय चूक और थकान मानी जा रही है। ललितपुर जनपद के महरौनी निवासी शशिकांत तिवारी अपने परिवार के साथ कार से अयोध्या दर्शन करने गए थे। वापसी के दौरान सोमवार सुबह करीब 6 बजे, जब उनकी कार जोल्हुपुर मोड़ के पास पहुंची, तो संभवतः चालक को नींद का झोंका आ गया। इसके कारण तेज रफ्तार कार ने अपना नियंत्रण खो दिया और आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

भीषण भिड़ंत में मौके पर ही चार ने तोड़ा दम

इस सड़क दुर्घटना के विनाशकारी परिणाम सामने आए। वाहन में सवार 10 लोगों में से चार सदस्यों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हुए और पुलिस को सूचना दी। तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय और इलाज के दौरान दो अन्य लोगों ने भी दम तोड़ दिया। इस प्रकार इस हादसे में मरने वालों की कुल संख्या 6 हो गई है, जबकि 4 लोग अब भी गंभीर अवस्था में चिकित्सालय में भर्ती हैं।

एक घंटे तक केबिन में फंसे रहे घायल

हादसे के बाद का दृश्य अत्यंत विचलित करने वाला था। वाहन की बॉडी में फंसे पीड़ितों को निकालने के लिए स्थानीय निवासियों और पुलिस कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कार का केबिन बुरी तरह पिचक गया था, जिसमें कुछ घायल यात्री लगभग एक घंटे तक फंसे रहे और मदद के लिए कराहते रहे। ग्रामीणों की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से लोहे को काटकर घायलों को बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही

प्रशासनिक और चिकित्सकीय व्यवस्था की एक शर्मनाक तस्वीर भी इस घटना के दौरान देखने को मिली। जब एम्बुलेंस घायलों को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची, तो वहां इमरजेंसी वार्ड में कोई वार्ड बॉय उपलब्ध नहीं था। जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे घायल मरीज लगभग 10 मिनट तक एम्बुलेंस के भीतर ही तड़पते रहे। अंततः, वहां मौजूद आम नागरिकों ने मानवता दिखाते हुए खुद मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाया और अंदर भर्ती कराया। फिलहाल चारों घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।

पीड़ित परिवार में मचा कोहराम

मृतकों और घायलों की पहचान शशिकांत तिवारी, कृष्णकांत, दीपक तिवारी, हरिमोहन तिवारी, भूषण तिवारी, अंशुल तिवारी, स्वामी प्रसाद तिवारी, मनोज और देशराज के रूप में हुई है। यह सभी ललितपुर के महरौनी के निवासी और एक ही कुनबे के सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एक साथ 6 अर्थियां उठने की खबर से पूरे महरौनी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।