Rajasthan News : जयपुर में जैश-ए-मोहम्मद की महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार, सुरक्षा एजेंसियों में मची सनसनी

जयपुर में सुरक्षा एजेंसियों की एक कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में चर्चा बढ़ा दी है। एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। आखिर इस ऑपरेशन में क्या मिला और जांच किस दिशा में बढ़ रही है?

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 22, 2026

Rajasthan News : राजस्थान की राजधानी जयपुर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक अत्यंत संवेदनशील और चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम देते हुए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ से जुड़ी एक महिला स्लीपर सेल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजस्थान आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) और मिलिट्री इंटेलिजेंस द्वारा प्राप्त पुख्ता इनपुट के आधार पर की गई। गिरफ्तार महिला की पहचान बबीता धाकड़ के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गंगापुर की रहने वाली है और वर्तमान में जयपुर में रह रही थी। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि महिला के तार सीधे पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के खतरनाक हैंडलर्स से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं।

धर्म परिवर्तन कर बनी ‘खदीजा’

जांच में खुलासा हुआ है कि बबीता धाकड़ ने ऑनलाइन ‘कलमा’ पढ़कर अपना धर्म परिवर्तन किया था और खुद को ‘खदीजा’ नाम दिया था। वह सोशल मीडिया के माध्यम से जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स के निरंतर संपर्क में थी। चौंकाने वाली बात यह है कि वह जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के साले, जिसे ‘उस्ताद गौरी’ के नाम से जाना जाता है, उससे भी जुड़ी हुई थी। हैंडलर्स ने उसके मस्तिष्क को पूरी तरह से ‘ब्रेन वॉश’ कर दिया था और उसे भारतीय सुरक्षा बलों तथा सामरिक प्रतिष्ठानों से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान भेजने का गंभीर टास्क सौंपा गया था। वह जैश और अन्य उग्रवादी संगठनों के प्रतिबंधित पाकिस्तानी समूहों से जुड़कर लगातार देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रही थी।

मोबाइल से मिले आपत्तिजनक सबूत

एटीएस ने रविवार को उसे हिरासत में लिया था और सघन पूछताछ के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे 27 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में उसके मोबाइल फोन से बेहद आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। महिला के पास से दो सिम कार्ड और एक फेसबुक अकाउंट मिला है, जिसकी फ्रेंड लिस्ट में कई ऐसी प्रोफाइल शामिल थीं, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के झंडे और हथियारबंद आतंकियों की तस्वीरें लगी हुई थीं। इतना ही नहीं, उसके व्हाट्सएप डेटा में कई पाकिस्तानी नंबरों और अन्य विदेशी संपर्कों से लगातार हुई बातचीत के पुख्ता सबूत मिले हैं, जो उसके खतरनाक इरादों को स्पष्ट करते हैं।

पाकिस्तान जाने की तैयारी में थी ‘खदीजा’, UAPA के तहत मामला दर्ज

पूछताछ के दौरान महिला ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि पाकिस्तान में बैठे एक मौलवी ने फोन के जरिए उसका धर्म परिवर्तन कराया था। वह केवल सूचनाएं ही नहीं भेज रही थी, बल्कि उसके हैंडलर्स उसे पूरी तैयारी के साथ पाकिस्तान बुलाने की योजना भी बना रहे थे। एटीएस ने उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन से स्थानीय या विदेशी तत्व शामिल हैं। यह मामला देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

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