Pink Elephant: ‘गुलाबी हाथी’ फोटोशूट पर भारी बवाल, राजस्थान वन विभाग ने दिए जांच के आदेश, जानिए क्या है पूरा मामला?

विदेशी फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा ने जयपुर में अपनी 'आर्ट एक्सपीडिशन' के दौरान एक हाथी को पूरी तरह से चमकीले गुलाबी रंग में रंग दिया। जैसे ही इस 'गुलाबी हाथी' और मॉडल की तस्वीरें वायरल हुईं, सोशल मीडिया पर पशु क्रूरता का आरोप लगाते हुए भारी बवाल मच गया। इस मामले में अब राजस्थान वन विभाग ने आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 31, 2026

Pink Elephant: आजकल सोशल मीडिया पर कुछ अलग दिखने और लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में लोग अक्सर सारी हदें पार कर जाते हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आया है, जिसने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। दरअसल, स्पेन के बार्सिलोना में रहने वाली मशहूर कॉन्सेप्चुअल और ट्रैवल फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा कुछ समय पहले भारत की यात्रा पर आई थी। जयपुर को अपने कैमरे में कैद करने के दौरान उन्होंने कुछ ‘डिफरेंट’ और क्रिएटिव करने के चक्कर में एक बेजुबान हाथी को पूरी तरह से गुलाबी रंग में रंग दिया। जैसे ही इस फोटोशूट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, पशु प्रेमियों और आम जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। लोग इस कृत्य को जानवरों के प्रति क्रूरता बता रहे हैं।

आखिर क्यों रंगा गया गजराज को गुलाबी

फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा करीब 6 हफ्तों के लिए भारत के दौरे पर आई थी। इस दौरान वह जयपुर की खूबसूरती को अपने लेंस से निहार रही थी। तभी उनके दिमाग में एक अजीबोगरीब तरकीब आई। चूंकि जयपुर को पूरी दुनिया में ‘पिंक सिटी’ (गुलाबी नगरी) के नाम से जाना जाता है, इसलिए जूलिया ने सोचा कि क्यों न इस ऐतिहासिक शहर की पारंपरिक विरासत को दिखाने के लिए हाथी को भी गुलाबी रंग से रंग दिया जाए। उन्हें लगा कि यह एक बेहद क्लासिक और ट्रेडिशनल फोटोशूट होगा। इसी सोच के साथ उन्होंने हाथी के पूरे शरीर पर चटक गुलाबी रंग पोत दिया और उसकी तस्वीरें खींच लीं, जो अब उनके गले की हड्डी बन गई हैं।

सोशल मीडिया पर फूटा आक्रोश

जैसे ही इस ‘गुलाबी हाथी’ की तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुईं, नेटिजन्स का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने हाथी के साथ किए गए इस अमानवीय बर्ताव पर गहरी चिंता जताई है और फोटोग्राफर को सख्त सजा देने की मांग की है। आलोचकों का साफ कहना है कि अपनी कला या सिर्फ विजुअल ब्यूटी दिखाने के लिए जीवित जानवरों का इस तरह इस्तेमाल करना पूरी तरह अनैतिक है। एक यूजर ने भड़कते हुए लिखा, “चंद लाइक्स और व्यूज के लिए तुम लोग कुछ भी कर सकते हो। यह कोई आर्ट नहीं बल्कि घिनौनी हरकत है, तुम्हारे खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन होना चाहिए।” कई लोगों ने उन्हें सनकी बताते हुए पूछा कि आखिर भारत में उन्हें ऐसे संवेदनशील फोटोशूट की परमिशन किसने दी?

विरोध बढ़ता देख विदेशी आर्टिस्ट ने दी सफाई

चारों तरफ से हो रही तीखी आलोचना और विरोध को देखते हुए फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने दावा किया कि हाथी पर जिस पेंट का इस्तेमाल किया गया था, वह पूरी तरह से ऑर्गेनिक (प्राकृतिक) था। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल वैसा ही रंग था जैसा राजस्थान के पारंपरिक त्योहारों के दौरान हाथियों पर सजावट के लिए लगाया जाता है। जूलिया ने यह भी कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए उन्हें एलीफेंट सेंटर्स के कई चक्कर लगाने पड़े थे और जरूरी सरकारी अनुमतियां व उचित जगह हासिल करने के लिए काफी कोशिशें करनी पड़ी थीं।

65 साल के बुजुर्ग हाथी का नाम था चंचल

इस पूरे मामले में जब हाथी के असली मालिक शादिक खान से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि जिस हाथी को रंगा गया था उसका नाम ‘चंचल’ था और उसकी उम्र करीब 65 वर्ष थी। उम्रदराज होने के कारण उसका इस्तेमाल सवारी के लिए नहीं किया जाता था। शादिक के मुताबिक, फोटोशूट के दौरान सिर्फ 10 मिनट के लिए उस पर ‘कच्चा गुलाल’ लगाया गया था, जिसे शूटिंग खत्म होते ही तुरंत पानी से अच्छी तरह धो दिया गया था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि अधिक उम्र होने के कारण चंचल की मौत इसी साल फरवरी में हो चुकी है, लेकिन उस फोटोशूट के रंग से उसकी सेहत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।

वन विभाग के अधिकारियों ने शुरू की जांच

हाथी को रंगे जाने और उसकी बाद में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ चुका है। राजस्थान वन विभाग के आला अधिकारियों ने इस पूरी घटना का संज्ञान लेते हुए आधिकारिक तौर पर जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकारी तंत्र अब इस बात की गहराई से तफ्तीश करेगा कि क्या इस विदेशी फोटोग्राफर ने नियमानुसार सभी जरूरी परमिशन ली थी? इसके साथ ही विभाग हाथी ‘चंचल’ की मौत के असली कारणों की भी पड़ताल करेगा। दूसरी तरफ, देश के सामाजिक और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि फैशन, थिएटर या किसी भी तरह के कमर्शियल फोटोशूट के लिए बेजुबान जानवरों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से कानूनी पाबंदी लगाई जाए।