Ram Mandir Trust Secretary: श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए सचिव का नाम आधिकारिक रूप से तय कर लिया गया है। ट्रस्ट के नए सचिव के रूप में जगदीश आफले की ताजपोशी होगी और उनके नाम का औपचारिक ऐलान ट्रस्ट की आगामी दो सितंबर को आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में किया जाएगा। गौरतलब है कि जगदीश आफले साल 2021 से राम मंदिर निर्माण परियोजना में प्रोजेक्ट इंजीनियर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राम मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी का गंभीर मामला सामने आने के बाद तत्कालीन महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद चंदा चोरी की निष्पक्ष जांच के लिए एक नई समिति का गठन किया गया है, जो जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपेगी।
सचिव बनने से पहले ही राम मंदिर निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं जगदीश आफले
बताते चले कि, अपने निर्वाचन से पहले भी जगदीश आफले राम मंदिर से जुड़े कार्यों में बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं। मौजूदा समय में ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के साथ मिलकर जगदीश आफले के संयुक्त हस्ताक्षर से ही राम मंदिर के सभी प्रकार के निर्माण और प्रशासनिक खर्चों का भुगतान किया जा रहा है। मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे शहर के रहने वाले आफले पेशे से एक कुशल इंजीनियर हैं। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी मुंबई से एमटेक की उच्च शिक्षा प्राप्त की है।
अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने की जगदीश आफले के नाम की पुष्टि
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बीते 22 जुलाई को हुई अपनी बैठक में ट्रस्ट के लिए एक नए सचिव और प्रवक्ता का पद सृजित करने का बड़ा फैसला लिया था। अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने इस बात की पूरी पुष्टि कर दी है कि न्यास के सचिव पद के लिए जगदीश आफले का नाम सर्वसम्मति से प्रस्तावित किया गया है। उनकी नियुक्ति की अंतिम और औपचारिक घोषणा आगामी 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ, मंदिर सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट के लिए आधिकारिक प्रवक्ता के पद पर चयन की प्रक्रिया अभी भी जारी है और कई संभावित नामों पर विचार-विमर्श चल रहा है, जिस पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं जगदीश आफले
विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुणे निवासी जगदीश आफले के वैचारिक और संगठनात्मक तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ बेहद प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में अपनी बीटेक की डिग्री पूरी करने के बाद और आईआईटी मुंबई से एमटेक करने वाले आफले ने भारत के अलावा यूरोप के कुछ प्रमुख देशों और अमेरिका की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया था। अपनी कारपोरेट नौकरी से सेवानिवृत्ति के बाद वे स्वदेश लौट आए। जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का ऐतिहासिक कार्य शुरू हुआ, तो आफले ने संघ की प्रेरणा से परियोजना प्रबंधक के रूप में अपनी सेवाएं मानद (बिना वेतन) तौर पर देने का निर्णय लिया और तभी से वे अपनी धर्मपत्नी के साथ अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र भवन में ही निवास कर रहे हैं।










