ITC Share Price: नए साल की शुरुआत सिगरेट और तंबाकू कंपनियों के लिए किसी बुरे सपने की तरह रही है। शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को शेयर बाजार में सिगरेट बनाने वाली कंपनियों, विशेषकर ITC के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। केंद्र सरकार द्वारा तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के फैसले ने निवेशकों के विश्वास को झकझोर कर रख दिया है। लगातार दूसरे दिन ITC का शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे बाजार पूंजीकरण में भारी सेंध लगी है।
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ITC शेयर प्राइस में ऐतिहासिक गिरावट
बताते चले कि, सिगरेट कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार सुबह से ही धड़ाधड़ बिकवाली का दौर शुरू हो गया। BSE पर दिग्गज कंपनी ITC का शेयर करीब 5% गिरकर 345.35 रुपये के नए निचले स्तर पर आ गया। गौर करने वाली बात यह है कि 1 जनवरी को भी इसमें 10% की गिरावट दर्ज की गई थी, जो पिछले 6 वर्षों में कंपनी के स्टॉक के लिए सबसे खराब सत्र रहा। केवल दो दिनों के भीतर आईटीसी के निवेशकों के लगभग 60,000 करोड़ रुपये डूब गए हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स के नए नियमों ने कानूनी सिगरेट उद्योग के लिए ‘गोल्डन पीरियड’ को समाप्त कर दिया है।
1 फरवरी से लागू होंगे कड़े नियम
भारत सरकार का टैक्स नोटिफिकेशन 31 दिसंबर को जारी किया गया था, जिसके तहत सिगरेट, तंबाकू और गुटखा पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) लगाने का निर्णय लिया गया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, 1 फरवरी 2026 से पान मसाला पर हेल्थ सेस लगाया जाएगा और वर्तमान GST कंपनसेशन सेस को हटाकर नए शुल्कों को प्रभावी किया जाएगा। इसके तहत गुटखा पर 91% और चबाने वाले तंबाकू पर 82% की भारी एक्साइज ड्यूटी देय होगी। सिगरेट पर यह कर उसकी लंबाई और फिल्टर के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक हो सकता है।
ITC के टारगेट प्राइस में भारी कटौती
स्टॉक मार्केट विशेषज्ञों और ब्रोकरेज हाउस ने इस अभूतपूर्व टैक्स वृद्धि के बाद आईटीसी (ITC) पर अपना रुख बदल लिया है। मोतीलाल ओसवाल ने कंपनी की रेटिंग को ‘बाय’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया है और अपना लक्ष्य मूल्य 515 रुपये से घटाकर सीधा 400 रुपये कर दिया है। इसी तरह, नुवामा और सेंट्रम ब्रोकिंग ने भी रेटिंग में कटौती की है। जानकारों का मानना है कि इस अतिरिक्त टैक्स बोझ की भरपाई के लिए ITC को अपने उत्पादों की कीमतों में लगभग 25% की वृद्धि करनी पड़ सकती है, जिससे उसकी भविष्य की कमाई और वॉल्यूम ग्रोथ पर नकारात्मक दबाव पड़ेगा।
सिगरेट और पान मसाला पर नई जीएसटी दरें
तंबाकू पर नए जीएसटी नियम के तहत 1 फरवरी से सिगरेट और पान मसाला पर 40% GST लागू होगा, जबकि बीड़ी पर 18% टैक्स लगेगा। सरकार ने चबाने वाले तंबाकू और गुटखा के लिए एक नया ‘MRP-आधारित वैल्यूएशन सिस्टम’ भी अधिसूचित किया है। इसके माध्यम से सरकार का लक्ष्य ‘सिन गुड्स’ से अधिक राजस्व जुटाना और उनके उपभोग को नियंत्रित करना है। संसद द्वारा हाल ही में पारित दो विधेयकों ने सरकार को नेशनल सिक्योरिटी सेस और एक्साइज ड्यूटी लगाने की वैधानिक शक्ति प्रदान की है, जो सीधे तौर पर इन कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित करेगी।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कृपया किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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