IT Rule Social Media: फेसबुक से लेकर टेलीग्राम तक सब पर होगा एक्शन, जानिए सरकार ने IT नियमों में ऐसा क्या बदला जो मच गया हड़कंप

भारत सरकार ने IT Rules 2021 में बड़े बदलाव करके सोशल मीडिया और टेक कंपनियों पर नकेल कस दी है। अब फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए सरकार के निर्देशों को मानना अनिवार्य होगा और आदेश न मानने पर उन्हें मिलने वाली कानूनी सुरक्षा (Safe Harbor) खत्म हो सकती है, जिससे सरकार का डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण और कड़ा हो जाएगा।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 31, 2026

IT Rule Social Media: केंद्र सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण बढ़ाने के लिए आईटी नियम 2021 में संशोधन किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने नए प्रावधान जोड़ते हुए साफ कर दिया है कि अब फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, गूगल, यूट्यूब, अमेज़न, फ्लिपकार्ट और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स जैसी कंपनियां मनमानी नहीं कर पाएंगी। ये सभी “Intermediary” यानी बिचौलिए की श्रेणी में आते हैं और अब इन्हें सरकार के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

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डेटा सुरक्षा पर सख्ती

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यूजर डेटा को लेकर कोई ढिलाई नहीं चलेगी। कंपनियों को डेटा सुरक्षित रखना और तय समय तक संरक्षित करना होगा। पहले कंपनियां मंत्रालय की एडवाइजरी को नजरअंदाज कर देती थीं, लेकिन अब हर आदेश कानूनी रूप से बाध्यकारी होगा। अगर कोई कंपनी निर्देशों का पालन नहीं करती है तो उसे आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली “सेफ हार्बर” सुरक्षा खोनी पड़ सकती है। यानी अब प्लेटफॉर्म यह नहीं कह पाएंगे कि यूजर ने पोस्ट किया तो जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

न्यूज और सोशल मीडिया कंटेंट पर निगरानी

नए नियमों के तहत न्यूज और करंट अफेयर्स से जुड़ा कंटेंट भी सख्त निगरानी में आएगा। यह बदलाव सिर्फ न्यूज पब्लिशर्स तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उन प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू होगा जहां आम यूजर खबरें शेयर करता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई यूजर व्हाट्सएप पर न्यूज फॉरवर्ड करता है या फेसबुक पर कोई खबर पोस्ट करता है तो उस प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी भी तय होगी।

शिकायत निवारण की नई व्यवस्था

सरकार ने शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को भी मजबूत किया है। अब एक कमेटी नियमित रूप से बैठकर उन मामलों को सुनेगी जहां कोड ऑफ एथिक्स का उल्लंघन हुआ है या समय पर कार्रवाई नहीं हुई। यह कमेटी सिर्फ शिकायतों को स्वीकार या खारिज नहीं करेगी बल्कि मंत्रालय को सीधे सिफारिशें भी देगी।

आम यूजर पर असर

इन बदलावों का असर आम यूजर की डिजिटल जिंदगी पर भी पड़ेगा। अब सोशल मीडिया पर कुछ भी शेयर करने से पहले लोग ज्यादा सतर्क रहेंगे क्योंकि प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी बढ़ने का मतलब है कि कंटेंट पर निगरानी भी सख्त होगी।

सरकार बनाम टेक कंपनियां

यह संशोधन सरकार को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सीधा नियंत्रण देता है। सरकार इसे फेक न्यूज, हेट स्पीच और सुरक्षा से जोड़कर देख रही है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनियों की स्वतंत्रता कम होगी और सरकार की पकड़ बढ़ेगी। मेटा, गूगल और एक्स जैसी कंपनियों के लिए यह नियम भारत जैसे बड़े बाजार में एक नई चुनौती है।

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