Israel US Iran War: इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष ने एक नया और निर्णायक मोड़ ले लिया है। एक तरफ जहाँ अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की कोशिशों में जुटा था, वहीं दूसरी ओर इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने लेबनान की राजधानी बेरूत में एक सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देकर हिजबुल्लाह के नए प्रमुख नईम कासिम को मार गिराने का दावा किया है। यह हमला हिजबुल्लाह के लिए अब तक का सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक और सैन्य झटका माना जा रहा है।
बेरूत में एयरस्ट्राइक
इजरायली सेना (IDF) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह हमला बुधवार रात को दक्षिणी लेबनान और बेरूत के संदिग्ध ठिकानों पर किया गया था। खुफिया सूचनाओं के आधार पर IDF ने हिजबुल्लाह के मुख्य ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली सुरक्षा बलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने आतंकवादी संगठन के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल और हाल ही में कमान संभालने वाले नईम कासिम को सफलतापूर्वक मार गिराया है।
यह हमला उस वक्त हुआ जब कासिम अपने सहयोगियों के साथ एक गुप्त बैठक या रणनीतिक चर्चा में व्यस्त था। इजरायल ने स्पष्ट किया है कि उसका लक्ष्य हिजबुल्लाह के नेतृत्व को पूरी तरह से समाप्त करना है ताकि उत्तरी इजरायल पर होने वाले रॉकेट हमलों को रोका जा सके।
भतीजा और निजी सचिव यूसुफ खरशी भी मारा गया
इस हमले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नईम कासिम के साथ उसका सबसे भरोसेमंद सहयोगी और निजी सचिव अली यूसुफ खरशी भी मारा गया है। खरशी न केवल कासिम का सलाहकार था, बल्कि वह उसका सगा भतीजा भी था।
IDF के अनुसार, खरशी हिजबुल्लाह के भीतर एक केंद्रीय भूमिका निभाता था। वह संगठन के कार्यालय प्रबंधन और नईम कासिम की सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य सूत्रधार था। खरशी की मौत से हिजबुल्लाह की आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है।
हथियारों की सप्लाई लाइन पर प्रहार
इजरायली सेना ने केवल नेतृत्व को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि हिजबुल्लाह की रसद और हथियारों की रीढ़ पर भी हमला किया है। रात भर चले इस ऑपरेशन में IDF ने लेबनान की उन दो महत्वपूर्ण क्रॉसिंग्स को नष्ट कर दिया, जिनका उपयोग उत्तरी लितानी से दक्षिणी लितानी क्षेत्र में हथियारों की तस्करी के लिए किया जाता था।
इन रास्तों के जरिए हिजबुल्लाह हजारों की संख्या में रॉकेट, लॉन्चर और आधुनिक हथियार सीमावर्ती इलाकों में पहुँचा रहा था। इसके अलावा, इजरायली वायुसेना ने दक्षिणी लेबनान में स्थित लगभग 10 हथियार भंडारण केंद्रों और लॉन्चर साइट्स को भी मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव और भविष्य की चुनौती
नईम कासिम की मौत के बाद अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि हिजबुल्लाह का अगला उत्तराधिकारी कौन होगा? हसन नसरल्लाह के बाद कासिम ही वह चेहरा था जिसने संगठन को एकजुट रखने की कोशिश की थी। इजरायल की यह कार्रवाई ईरान के लिए भी एक कड़ी चेतावनी है, जो हिजबुल्लाह का मुख्य संरक्षक है।
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