Israel Iran War: नेतन्याहू की आखिरी चेतावनी, क्या ईरान का नामोनिशान मिटा देगा इजरायल? जानें सच

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को अब तक की सबसे खौफनाक चेतावनी दी है। IRGC प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत के बाद इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह रुकने वाला नहीं है। क्या इजरायल वास्तव में ईरान के वजूद को मिटाने की तैयारी कर चुका है? पूरी रिपोर्ट देखें।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 20, 2026

Israel Iran War: मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गुरुवार रात मीडिया के सामने लाइव आए। इस दौरान उन्होंने न केवल युद्ध की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की, बल्कि ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी भी दी। नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायली हमलों ने ईरान की कमर तोड़ दी है और अब उसके पास बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने या यूरेनियम संवर्धन करने की प्रभावी क्षमता शेष नहीं बची है। उन्होंने इस कठिन समय में इजरायली नागरिकों के धैर्य की सराहना करते हुए जीत का संकल्प दोहराया।

देशवासियों के साहस को सलाम और आर्थिक मुआवजे का वादा

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने संबोधन की शुरुआत भावनात्मक अपील के साथ की। उन्होंने कहा, “मेरे भाइयों और बहनों, मुझे आपके दृढ़ संकल्प पर गर्व है।” उन्होंने स्वीकार किया कि महीनों तक सुरक्षा कक्षों (Bunkers) और आश्रय स्थलों में समय बिताना कितना चुनौतीपूर्ण है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि युद्ध के कारण प्रभावित हुए व्यवसायों, आरक्षित सैनिकों और परिवारों के लिए सरकार भारी पूंजी निवेश कर रही है ताकि उन्हें पर्याप्त मुआवजा मिल सके। उन्होंने अर्थव्यवस्था और स्कूलों को धीरे-धीरे पुनः खोलने का आश्वासन भी दिया।

ईरान के विरुद्ध तीन मुख्य लक्ष्यों का खुलासा

नेतन्याहू ने पूरी दुनिया को संदेश देते हुए कहा कि इजरायल के सुरक्षा बल ‘शेरों’ की भांति लड़ रहे हैं। उन्होंने इस सैन्य अभियान के तीन प्रमुख लक्ष्यों को रेखांकित किया:

  1. परमाणु कार्यक्रम का विनाश: ईरान की परमाणु शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा को पूरी तरह कुचलना।

  2. मिसाइल कार्यक्रम का खात्मा: ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को जड़ से मिटाना।

  3. सत्ता परिवर्तन की राह: ऐसी परिस्थितियां बनाना जिससे ईरानी जनता स्वयं अपने भाग्य का फैसला कर सके और वर्तमान शासन से मुक्त हो सके।

ईरानी नेतृत्व का सफाया और सैन्य उपलब्धियां

हुंकार भरते हुए नेतन्याहू ने कहा, “हम ईरान को कुचलकर धूल में मिला देंगे।” उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के सहयोग से इजरायल ने अयातुल्ला खामेनेई और रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर दिया है। उन्होंने हाल ही में मारे गए खुफिया मंत्री और कमांडर अली लारीजानी का जिक्र करते हुए उन्हें ‘कुख्यात हत्यारा’ करार दिया। नेतन्याहू के अनुसार, इजरायल ने ईरान के सैकड़ों मिसाइल लॉन्चर और ठिकानों को दिन-रात हमलों के जरिए नष्ट कर दिया है, जिससे अब ईरान दुनिया को ब्लैकमेल करने की स्थिति में नहीं रहा।

मौत की अफवाहों पर पलटवार: “अभी मैं जिंदा हूं”

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बेंजामिन नेतन्याहू की मौत को लेकर उड़ी अफवाहों पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पहले मैं सबको बता दूं कि मैं अभी जिंदा हूं।” उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि इजरायल यह युद्ध जीत रहा है और ईरान बर्बादी की ढलान पर है। उन्होंने पिछले 20 दिनों की युद्धक सफलताओं को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इजरायल की सुरक्षा घेराबंदी इतनी मजबूत है कि दुश्मन का उसे तबाह करने का सपना टूट चुका है।

डोनाल्ड ट्रंप के साथ तालमेल और अमेरिका की भूमिका

अमेरिकी हस्तक्षेप के दावों पर नेतन्याहू ने दो टूक कहा कि इजरायल ने अमेरिका को जबरदस्ती युद्ध में नहीं घसीटा है। उन्होंने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि ट्रंप अपने फैसले स्वयं लेते हैं और उनके साथ इजरायल का तालमेल ‘परफेक्ट’ है। उन्होंने उन दावों को ‘फेक न्यूज’ करार दिया जिनमें कहा जा रहा था कि इजरायल अमेरिका का इस्तेमाल कर रहा है। नेतन्याहू ने अंत में याद दिलाया कि युद्ध की शुरुआत में तेहरान ने इजरायली शहरों को गिराने की धमकी दी थी, लेकिन आज हकीकत यह है कि टावर तेहरान में गिर रहे हैं, इजरायल में नहीं।

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