Israel Iran War : इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर ईरान और हूती का भीषण हमला, क्या छिड़ गया विश्व युद्ध?

महाविनाश की दस्तक! इजरायल के मुख्य हवाई अड्डे बेन गुरियन पर ईरान और हूती विद्रोहियों ने सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया है। तेल अवीव धमाकों से गूंज रहा है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रोक दी गई हैं। क्या यह हमला सीधे तौर पर तीसरे विश्व युद्ध का बिगुल फूंक चुका है? जानें हर अपडेट।

Israel Iran War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 5, 2026

Israel Iran War :  मध्य पूर्व में युद्ध की आग अब बेकाबू होती जा रही है। ईरान के साथ-साथ अब यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार तड़के हुए एक बड़े सैन्य घटनाक्रम में इजरायल के सबसे महत्वपूर्ण नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोहियों और ईरानी सेना ने एक समन्वित हमले के जरिए इजरायल के रक्षा कवच को चुनौती दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है।

हूती विद्रोहियों का दावा: क्लस्टर मिसाइलों और ड्रोन से दहला इजरायल

यमन के हूती विद्रोहियों ने आधिकारिक बयान जारी कर इजरायल के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले की जिम्मेदारी ली है। विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने न केवल हवाई अड्डे, बल्कि दक्षिणी इजरायल में स्थित कई गुप्त सैन्य स्थलों को भी निशाना बनाया है। इस हमले की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसमें ‘क्लस्टर मिसाइलों’ और आत्मघाती ड्रोनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। हूतियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई इजरायल द्वारा फिलिस्तीन और क्षेत्रीय संप्रभुता के उल्लंघन के जवाब में की गई है।

ईरानी सेना का व्यापक ड्रोन मिशन: विमानन केंद्रों पर सटीक निशाना

हूतियों के हमलों के समानांतर, ईरान की सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ ने घोषणा की है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सेना ने इजरायल के भीतर एक ‘व्यापक ड्रोन मिशन’ को अंजाम दिया है। ईरानी सैन्य कमान के अनुसार, यह अभियान विशेष रूप से इजरायली विमानन नेटवर्क को पंगु बनाने के लिए डिजाइन किया गया था। ईरान ने बेन गुरियन हवाई अड्डे के उन हिस्सों को निशाना बनाया है जो सैन्य रसद और लड़ाकू विमानों के संचालन के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं।

रणनीतिक तबाही: नियंत्रण टावरों और रडार सिस्टम को पहुँचा भारी नुकसान

ईरानी सेना की यूनिटों ने इजरायल के हवाई अड्डे पर अत्यधिक रणनीतिक केंद्रों को निशाना बनाया है। रिपोर्टों के अनुसार, हमलों में हाल ही में निर्मित अत्याधुनिक कंट्रोल टावर, टर्मिनल 1 और 2 के प्राथमिक नियंत्रण टावर, नेविगेशन उपकरण और रडार सिस्टम को गंभीर क्षति पहुँची है। इसके अलावा, हवाई अड्डे के संचार एंटेना को भी नष्ट कर दिया गया है। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य इजरायल के हवाई यातायात और संचार नेटवर्क को पूरी तरह से बाधित करना था ताकि सैन्य विमानों की आवाजाही को रोका जा सके।

इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता को निष्क्रिय करने की सोची-समझी रणनीति

शनिवार तड़के शुरू किए गए इस हमले में बड़ी संख्या में मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) का उपयोग किया गया। ईरानी सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तैनाती का प्राथमिक लक्ष्य सैन्य हवाई यातायात के लिए उपयोग किए जाने वाले ‘इलेक्ट्रॉनिक कमांड और समन्वय बुनियादी ढांचे’ को ध्वस्त करना था। इस मिशन के जरिए इजरायल की निगरानी प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं को निष्क्रिय करने की कोशिश की गई है, जिससे इजरायली वायुसेना के आक्रामक लड़ाकू विमानों की मार्गदर्शन प्रणालियों में बाधा उत्पन्न हो सके।

प्रतिशोध की प्रतिज्ञा: “बिना रुके जारी रहेगा ईरान का यह सैन्य अभियान”

ईरान ने इस सैन्य कार्रवाई को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे ‘शत्रुतापूर्ण कृत्यों’ का करारा जवाब बताया है। तेहरान का आरोप है कि बेन गुरियन हवाई अड्डे का उपयोग ईरानी हितों के खिलाफ हमलों के लिए एक ‘लॉन्चपैड’ के रूप में किया जा रहा था। ईरानी सेना ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि हालिया संघर्षों में शहीद हुए उनके सैनिकों का बदला लिया जा चुका है और अभी और कार्रवाई बाकी है। सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनके लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं हो जाती, यह अभियान बिना रुके जारी रहेगा।