Israel-Hezbollah Ceasefire: पश्चिम एशिया के अशांत युद्धक्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और राहत भरी कूटनीतिक खबर सामने आ रही है। लंबे समय से जारी खूनी संघर्ष के बाद इस्राइल और हिजबुल्ला एक बार फिर से युद्धविराम (Ceasefire) के लिए पूरी तरह राजी हो गए हैं। दोनों पक्षों द्वारा सैन्य कार्रवाइयों और गोलाबारी को तत्काल रोकने के इस ऐतिहासिक फैसले की आधिकारिक पुष्टि शुक्रवार को कर दी गई है। लगातार मूसलाधार बारूद बरसने के बीच हुए इस बड़े घटनाक्रम को वैश्विक शांति की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
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कतर, अमेरिका और ईरान ने मिलकर कराई सुलह
इस नए युद्धविराम को अमली जामा पहनाने और दोनों धुर विरोधियों को एक मेज पर लाने के पीछे तीन प्रमुख देशों की परदे के पीछे की कड़ी मेहनत रही है। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों के मुताबिक, कतर, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने इस बेहद जटिल कूटनीतिक समझौते को कराने में सबसे बड़ी और केंद्रीय भूमिका निभाई है। दो क्षेत्रीय अधिकारियों और एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से इस बात की शत-प्रतिशत पुष्टि की गई है कि इन तीनों देशों के साझा और रणनीतिक प्रयासों के चलते ही दोनों पक्ष हथियारों को शांत करने पर सहमत हुए।
दिलचस्प बात यह है कि इस ऐतिहासिक समझौते पर मुहर लगने से ठीक पहले दोनों ओर से भीषण गोलाबारी और रॉकेट हमले हुए थे। भारी हिंसा के कारण ही स्विट्जरलैंड में होने वाली ईरान और अमेरिका के बीच की एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील कूटनीतिक बैठक को अचानक स्थगित करना पड़ा था। इस बैठक के टलने के तुरंत बाद ही तीनों मध्यस्थ देशों ने कूटनीतिक प्रयास और अधिक तेज कर दिए थे।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्राइल को दोटूक चेतावनी
इस युद्धविराम की घोषणा से ठीक पहले अमेरिकी राजनीति और कूटनीति के गलियारों में भारी हलचल देखी गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस रणनीतिक समझौते की आंतरिक आलोचना करने पर इस्राइल सरकार को बेहद सख्त और अभूतपूर्व लहजे में चेतावनी जारी की थी।
दरअसल, हफ्तों के कड़े कूटनीतिक तनाव के बाद हुए इस समझौते का पुरजोर बचाव करते हुए उपराष्ट्रपति वेंस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस्राइल के सबसे मजबूत और इकलौते सच्चे सहयोगी हैं। उनकी यह आक्रामक टिप्पणी उन खुफिया खबरों के बीच आई, जिनमें दावा किया जा रहा था कि इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके कैबिनेट के वरिष्ठ साथी ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने वाले इस समझौते से निजी और रणनीतिक तौर पर बेहद नाखुश हैं।
वैश्विक बिरादरी में अलग-थलग पड़ रहा है इस्राइल
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस्राइली नेतृत्व की सोच पर कड़ा प्रहार करते हुए आईना दिखाया। उन्होंने बेहद बेबाकी से कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में इस्राइल अंतरराष्ट्रीय मंच पर बुरी तरह अलग-थलग पड़ चुका है। वेंस ने कड़े शब्दों में कहा कि इस्राइली नेता और वहां का शीर्ष तंत्र वाशिंगटन से मिलने वाले कूटनीतिक, रणनीतिक और सैन्य समर्थन के वास्तविक महत्व को समय रहते समझने में पूरी तरह नाकाम रहा है। जानकारों का मानना है कि व्हाइट हाउस की इसी सख्त चेतावनी और दबाव के बाद आखिरकार बेंजामिन नेतन्याहू सरकार को हिजबुल्ला के साथ दोबारा संघर्ष विराम के लिए घुटने टेकने पड़े हैं।
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