Israel Politics : इजरायल में नई सरकार की कवायद तेज, आइसेनकोट के समर्थन में विपक्ष लामबंद

इजरायल की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। नेतन्याहू के विरोध में कई दल एकजुट होकर गादी आइसेनकोट को प्रधानमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रपति हरजोग के सामने अब बड़ा फैसला लेने की चुनौती है। क्या इजरायल में सत्ता परिवर्तन होगा या नेतन्याहू फिर बाजी मारेंगे?

Israel Politics

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 3, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Israel Politics : इजरायल की राजनीति में इन दिनों सत्ता परिवर्तन को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विरोध में कई राजनीतिक दल एकजुट होते दिखाई दे रहे हैं। मध्यमार्गी गठबंधन के नेता और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइसेनकोट को प्रधानमंत्री बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति आइजक हरजोग से आग्रह किया है कि वह सरकार गठन के लिए आइसेनकोट को आमंत्रित करें। हालांकि, इस राजनीतिक खींचतान के बीच आइसेनकोट के आवास के बाहर हुए हंगामे ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है।

आइसेनकोट के आवास के बाहर समर्थकों का हंगामा

रविवार रात दक्षिणपंथी दलों के समर्थक गादी आइसेनकोट के आवास के बाहर पहुंच गए। यहां प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने गाजा में अपने बेटे की मौत के लिए पूर्व सेना प्रमुख आइसेनकोट को जिम्मेदार ठहराया। इस घटना के बाद इजरायल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। विपक्षी नेताओं ने इस तरह के विरोध प्रदर्शन को अनुचित बताते हुए इसकी आलोचना की है। उनका कहना है कि राजनीतिक असहमति के नाम पर किसी नेता के घर के बाहर हंगामा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।

नाफ्ताली बेनेट ने राष्ट्रपति से की बड़ी मांग

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीयाहाड पार्टी के नेता नाफ्ताली बेनेट ने कहा है कि वह राष्ट्रपति आइजक हरजोग से याशर पार्टी के प्रमुख गादी आइसेनकोट को प्रधानमंत्री बनाने की मांग करेंगे। बेनेट का मानना है कि मतदाताओं की इच्छा का सम्मान किया जाना चाहिए और आइसेनकोट को जल्द से जल्द प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। उनके मुताबिक, इससे इजरायल को सही दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। पूर्व प्रधानमंत्री बेनेट पहले भी आइसेनकोट के समर्थन में अपनी राय जाहिर कर चुके हैं।

लिबरमैन ने भी आइसेनकोट के नाम का किया समर्थन

इजरायल बेतेनु पार्टी के नेता एविग्डोर लिबरमैन ने भी प्रधानमंत्री पद के लिए गादी आइसेनकोट का समर्थन किया है। टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, लिबरमैन ने नेतन्याहू के नेतृत्व में नई मिली-जुली सरकार बनने की संभावना को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि अधिकांश मतदाताओं ने नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के पक्ष में मतदान किया है। ऐसे में उनके नेतृत्व को दोबारा स्वीकार करना उचित नहीं होगा। लिबरमैन ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आइसेनकोट को प्रधानमंत्री और याइर लैपिड को नीसेट का स्पीकर बनाने के पक्ष में है।

याइर गोलान ने प्रदर्शनकारियों पर साधा निशाना

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता याइर गोलान ने आइसेनकोट के घर के बाहर हुए हंगामे की कड़ी निंदा की है। वह खुद उनके आवास पर पहुंचे और इस घटना पर नाराजगी जताई। गोलान ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी नेतन्याहू के समर्थक थे और वे अपनी विचारधारा से अलग किसी व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनते नहीं देखना चाहते। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर उन्होंने लिकुड पार्टी और दक्षिणपंथी दलों से राजनीतिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की। गोलान भी प्रधानमंत्री पद के लिए आइसेनकोट को अपना समर्थन दे चुके हैं।

राष्ट्रपति हरजोग के फैसले पर टिकी निगाहें

रॉयटर्स के मुताबिक, अब सरकार गठन को लेकर फैसला राष्ट्रपति आइजक हरजोग के हाथ में है। उन्होंने सभी दलों से खुले मन से संसद में आने की अपील की है। उनके रुख से नेतन्याहू के लिए भी संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक माहौल उनके पक्ष में नजर नहीं आ रहा। नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन से बाहर किसी भी दल के नेता ने अब तक उनके समर्थन में खुलकर बयान नहीं दिया है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या आइसेनकोट को सरकार बनाने का मौका मिलेगा या नेतन्याहू एक बार फिर सत्ता बचाने में सफल होंगे।

Read More :  Weather Update: चक्रवाती तूफानों का असर, दिल्ली-यूपी समेत 15 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

2