Israel Election 2026: नेतन्याहू को झटका, एग्जिट पोल में किसी गठबंधन को बहुमत नहीं

इजरायल चुनाव के एग्जिट पोल ने बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिकुड सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है, लेकिन बहुमत का आंकड़ा दूर है। विपक्ष भी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं दिख रहा। अब अरब पार्टियों की भूमिका और राष्ट्रपति का फैसला अहम हो सकता है।

Israel Election 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 28, 2026

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Israel Election 2026 : इजरायल के संसदीय चुनाव को लेकर सामने आए एग्जिट पोल ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, नेतन्याहू के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से पीछे दिखाई दे रहा है। हालांकि, विपक्षी दल भी स्पष्ट बहुमत हासिल करते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है।

120 सीटों वाली संसद में बहुमत का गणित

इजरायल की संसद में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। चैनल 12 के एग्जिट पोल में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 27 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, गादी आइसेनकोट की यशार पार्टी को लगभग 21 से 23 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। इन आंकड़ों के आधार पर किसी एक गठबंधन की सरकार बनना आसान नहीं दिख रहा।

एग्जिट पोल में किस पार्टी को कितनी सीटें?

चैनल 12 के अनुमान के अनुसार, लिकुड को 27, यशार को 21, बी’याचद को 12 और जॉइंट लिस्ट को 11 सीटें मिल सकती हैं। द डेमोक्रेट्स को नौ, यिस्राइल बेतेनु को आठ, राआम को सात, शास को सात, ओत्जमा येहुदित को छह, रिलिजियस जायनिज्म को छह और यूनाइटेड टोरा जूडिज्म को छह सीटें मिलने का अनुमान है। ये आंकड़े शुरुआती एग्जिट पोल पर आधारित हैं, आधिकारिक नतीजे नहीं।

विपक्ष ने किया जीत का दावा, लेकिन रास्ता मुश्किल

एग्जिट पोल सामने आने के बाद विपक्षी खेमे ने जीत का दावा किया। हालांकि, विपक्षी गठबंधन को भी सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें मिलती नहीं दिख रही हैं। अनुमानों के मुताबिक, नेतन्याहू के गठबंधन को लगभग 50 से 51 सीटें और विपक्ष को करीब 50 से 52 सीटें मिल सकती हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के लिए बहुमत जुटाना बड़ी चुनौती बन गया है।

अरब पार्टियों की भूमिका बन सकती है निर्णायक

एग्जिट पोल में अरब नेतृत्व वाली राआम और जॉइंट लिस्ट को मिलाकर लगभग 17 से 18 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। ये दल सरकार गठन के समीकरण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, विपक्ष के कई नेताओं ने अरब पार्टियों के साथ गठबंधन करने से इनकार किया है। द डेमोक्रेट्स के नेता यायर गोलान को छोड़कर विपक्ष के कई नेताओं ने इस विकल्प को लेकर अनिच्छा दिखाई है।

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राष्ट्रपति के सामने सरकार गठन की चुनौती

इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग उस पार्टी या नेता को सरकार बनाने का अवसर दे सकते हैं, जिसके पास बहुमत जुटाने की बेहतर संभावना होगी। लिकुड सबसे बड़ी पार्टी बनी रहती है तो नेतन्याहू सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। वहीं, यशार के नेता गादी आइसेनकोट भी विपक्ष की ओर से समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकते हैं।

सरकार नहीं बनी तो दोबारा चुनाव संभव

यदि कोई भी गठबंधन बहुमत साबित नहीं कर पाता, तो नेतन्याहू नई सरकार बनने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं। राजनीतिक गतिरोध लंबा खिंचने पर दोबारा चुनाव कराने की नौबत भी आ सकती है। इजरायल 2019 से 2022 के बीच कई चुनावों और सरकार गठन की मुश्किलों का सामना कर चुका है।

रिकॉर्ड मतदान, लेकिन अंतिम फैसला बाकी

रिपोर्ट के मुताबिक, इस चुनाव में लगभग 77 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसे रिकॉर्ड स्तर बताया गया है। हालांकि, एग्जिट पोल अंतिम नतीजे नहीं होते। चुनाव आयोग की आधिकारिक मतगणना के बाद ही सीटों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। नेतन्याहू की सत्ता बचेगी या विपक्ष सरकार बनाने में सफल होगा, इसका फैसला आधिकारिक परिणाम और गठबंधन की बातचीत से तय होगा।

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