Israel Beirut Attack: मिडिल ईस्ट में अशांति का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है और हालात हर गुजरते दिन के साथ भयावह होते जा रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में इजराइली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरुत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। यह हमला हिज्बुल्लाह द्वारा उत्तरी इजराइल में किए गए रॉकेट हमलों के जवाब में की गई एक बहुत बड़ी सैन्य कार्रवाई है। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते इस सीधे टकराव ने अब धीरे-धीरे पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी विनाशकारी चपेट में ले लिया है, जिससे विश्व युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इजराइली सेना का दावा: हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर मलबे में तब्दील
इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उनकी वायुसेना ने बेरुत में हिज्बुल्लाह के प्रमुख सैन्य ठिकानों और खुफिया कमांड सेंटरों पर कई विनाशकारी हवाई हमले किए हैं। IDF के अनुसार, यह सैन्य अभियान सोमवार सुबह इजराइली सीमा पर दागी गई मिसाइलों के जवाब में शुरू किया गया था। इजराइली प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ईरानी शासन के इशारे पर काम करने वाले हिज्बुल्लाह को अब इजराइली नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बनने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उनके बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।
खामेनेई की ‘शहादत’ का बदला: हिज्बुल्लाह ने हाइफा को बनाया निशाना
दूसरी ओर, हिज्बुल्लाह ने भी पलटवार करते हुए इजराइल के हाइफा शहर के पास एक सामरिक सैन्य अड्डे को निशाना बनाया है। संगठन का दावा है कि उनके ये ताजा हमले ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का बदला लेने और लेबनान की रक्षा के लिए किए गए हैं। हिज्बुल्लाह ने इजराइल को खुली चेतावनी दी है कि वे हर आक्रामकता का मजबूती से सामना करने के लिए तैयार हैं और भविष्य में अपने सैन्य अभियानों का दायरा और अधिक व्यापक बनाएंगे। इस बयान ने क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है।
लेबनान सरकार की चिंता: “देश को युद्ध की आग में धकेलना गलत”
लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने देश की नाजुक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए हिज्बुल्लाह की गतिविधियों को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया है। उन्होंने वैश्विक मंच पर कहा कि लेबनान की धरती का उपयोग इजराइल पर रॉकेट दागने के लिए करना राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने जैसा है। प्रधानमंत्री का मानना है कि इस तरह की एकतरफा सैन्य कार्रवाइयों से लेबनान को एक ऐसे विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध की आग में धकेला जा रहा है, जिससे अंततः वहां की बेगुनाह जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
ईरान और अमेरिका का सीधा हस्तक्षेप: तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत
इस युद्ध में ईरान की प्रत्यक्ष भागीदारी ने स्थिति को और भी अधिक संवेदनशील बना दिया है। ईरान ने इजराइल पर सैकड़ों मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की है। इस भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका ने भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उसके तीन सर्विस मेंबर्स इस अभियान में अपनी जान गंवा चुके हैं। ईरान ने न केवल इजराइल, बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी हमले किए हैं, जिसके कारण दुबई और दोहा जैसे व्यापारिक केंद्रों में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा खतरा है।
बहरीन तक पहुँचा युद्ध का कहर: मिसाइल मलबे से भड़की भीषण आग
युद्ध का घातक प्रभाव अब बहरीन जैसे शांत देशों तक भी पहुंच चुका है। बहरीन सेना द्वारा इंटरसेप्ट की गई एक मिसाइल का मलबा सलमान इंडस्ट्रियल सिटी में गिरा, जिससे वहां भयंकर आग लग गई। बहरीन के गृह मंत्रालय के अनुसार, इस घटना में एक निर्दोष व्यक्ति की मौत हो गई है। इससे पहले इजराइल द्वारा लेबनान पर किए गए हमलों में कम से कम 12 लोगों की जान जाने और दर्जनों के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है, जो साबित करता है कि यह युद्ध अब अनियंत्रित होता जा रहा है।
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