Israel Iran War: शी जिनपिंग ने सऊदी प्रिंस से की बात, इस्लामाबाद वार्ता से पहले बढ़ा वैश्विक तनाव

इस्लामाबाद में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान वार्ता पर सस्पेंस बना हुआ है। अमेरिकी वायुसेना के 9 विमान और एयरफोर्स-2 प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान पहुंच चुके हैं, लेकिन ईरान ने वार्ता की सहमति से इनकार कर दिया है। इस बीच, ईरानी राष्ट्रपति ने शांति की अपील की है और चीन ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुगम व्यापार सुनिश्चित करने के लिए सऊदी अरब से संपर्क किया है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 20, 2026

Israel Iran War: मध्य पूर्व में शांति बहाली की कोशिशों के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली बहुप्रतीक्षित वार्ता अब संशय के घेरे में है। एक तरफ जहां अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सुरक्षा संसाधन और संचार उपकरण इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं, वहीं ईरान ने फिलहाल किसी भी आधिकारिक सहमति से इनकार कर दिया है। मंगलवार को प्रस्तावित इस बैठक से पहले कूटनीतिक गलियारों में तनाव और अनिश्चितता का माहौल है। ईरान का कहना है कि वार्ता की समय सीमा और एजेंडे पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जबकि अमेरिका अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है।

अगले दौर की शांति वार्ता और द्विपक्षीय संवाद पर संशय

बताते चले कि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागची ने तेहरान में एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ कूटनीतिक वार्ता और शांति प्रक्रिया (Diplomatic talks and peace process with the US) को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक योजना नहीं बनी है। उन्होंने उन रिपोर्टों का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। बागची के अनुसार, द्विपक्षीय चर्चा और रणनीतिक संवाद (Bilateral discussion and strategic dialogue) की तारीखों पर अभी तक कोई सर्वसम्मति नहीं बनी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उम्मीद थी कि इस्लामाबाद में दोनों देश मेज पर आमने-सामने होंगे।

अमेरिकी वायुसेना की बड़ी हलचल

भले ही ईरान ने बातचीत से इनकार किया हो, लेकिन पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा संसाधनों का आगमन (Arrival of US military activities and security resources) जारी है। अमेरिकी वायुसेना के C-17 परिवहन विमानों के जरिए प्रतिनिधिमंडल की बुलेटप्रूफ गाड़ियां, जैमर्स और उन्नत संचार उपकरण और रक्षा सामग्री (Communication equipment and defense material) इस्लामाबाद पहुंचाई गई है। इसके अतिरिक्त, एयरफोर्स-2 वीवीआईपी विमान के शाम 4 बजे पहुंचने से संकेत मिलते हैं कि उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और राजनयिक मिशन (High-level US delegation and diplomatic mission) बातचीत की उम्मीद में पूरी तरह तैयार है।

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की शांति की अपील

ईरानी खेमे के भीतर भी अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सार्वजनिक रूप से युद्ध की समाप्ति और क्षेत्रीय शांति (End of war and regional peace) की वकालत की है। उन्होंने कहा कि ईरान को अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे सशस्त्र संघर्ष और सैन्य टकराव (Armed conflict and military confrontation) को जल्द समाप्त करना चाहिए ताकि देश आर्थिक सुधार और पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सके। पेजेश्कियन का मानना है कि नेतृत्व को जनता के साथ पारदर्शी होना होगा, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान के भीतर एक धड़ा कूटनीतिक समाधान के पक्ष में है।

चीन की सक्रियता और हॉर्मुज का संकट

इस पूरे घटनाक्रम के बीच चीन भी अपनी ‘सॉफ्ट पावर’ का उपयोग कर रहा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से फोन पर चर्चा करते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और व्यापार सुरक्षा (Ship movement and trade security in the Strait of Hormuz) पर जोर दिया। बीजिंग ने स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट संकट का समाधान केवल राजनीतिक समाधान और कूटनीतिक मध्यस्थता (Political solution and diplomatic mediation) से ही संभव है। चीन ने तत्काल युद्धविराम की मांग करते हुए वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने की अपील की है।

लेबनान का कूटनीतिक स्टैंड

इधर, लेबनान ने भी शांति की दिशा में अपने कदम बढ़ाए हैं। राष्ट्रपति जोसेफ औन ने घोषणा की है कि इजरायल के साथ संभावित सीमा वार्ता और प्रतिनिधिमंडल (Potential border talks and delegation with Israel) का नेतृत्व पूर्व राजदूत सिमोन कराम करेंगे। लेबनान का मुख्य उद्देश्य कब्जे की समाप्ति और अंतरराष्ट्रीय सीमा की पहचान (Ending occupation and identifying international borders) सुनिश्चित करना है। इस वार्ता से लेबनान के दक्षिणी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती और स्थिरता की उम्मीद जगी है, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति बहाली की संभावनाओं को बल मिल सकता है।