ईशांक श्रीवास्तव का कमाल, 9 घंटे 50 मिनट में समुद्र तैरकर रचा इतिहास

रांची कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों' ये पंक्तियां जब दुष्यंत कुमार ने लिखीं तो उन्हें नहीं पता था कि रांची का 7 साल का ईशांक श्रीलंका और भारत के बीच पड़ने वाले समुद्री रास्ते को इतनी कम उम्र में तैरकर पार कर देगा और इसके लिए महज 9 घंटे 50 मिनट की तैराकी करनी पडे़गी। ईशांक अब इस स्ट्रेट को तैरकर पार करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक का रिकॉर्ड बना लिए हैं। कौन हैं ईशांक ईशान रांची के धुर्वा के रहने वाले हैं। बीते दिनों

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Published On :

मई 2, 2026

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रांची

कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों' ये पंक्तियां जब दुष्यंत कुमार ने लिखीं तो उन्हें नहीं पता था कि रांची का 7 साल का ईशांक श्रीलंका और भारत के बीच पड़ने वाले समुद्री रास्ते को इतनी कम उम्र में तैरकर पार कर देगा और इसके लिए महज 9 घंटे 50 मिनट की तैराकी करनी पडे़गी। ईशांक अब इस स्ट्रेट को तैरकर पार करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक का रिकॉर्ड बना लिए हैं।

कौन हैं ईशांक
ईशान रांची के धुर्वा के रहने वाले हैं। बीते दिनों ईशांक ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुषकोडी तक के खतरनाक पाक स्ट्रेट को तैरकर पार किया। ईशांक ने 29 किलोमीटर की समुद्री दूरी को तय करने के लिए महज 9 घंटे 50 मिनट का समय लिया। इसके साथ ही अब ईशांक ऐसा करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

30 अप्रैल को ईशांक ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से अपनी यात्रा शुरू की थी। अगले 9 घंटे और 50 मिनट में ईशांक ने विश्व रिकॉर्ड बना दिया। ईशांक को इस उपलब्धि के लिए यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम की तरफ से यंगेस्ट एंड फास्टेस्ट पाक स्ट्रेट स्विमर का वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट दिया गया है। ईशांक ने यह उपलब्धि कड़ी ट्रेनिंग, अनुशासन और अपने पक्के इरादे से हासिल की है।

क्या करते थे ईशांक
पाक स्ट्रेट को सबसे तेज पार करने के लिए ईशांक रांची के धुर्वा डैम में रोजाना 4-5 घंटे प्रैक्टिस किया करते थे। अपने कोच अमन कुमार जयसवाल और बजरंग कुमार के मार्गदर्शन में ईशांक की मेहनत रंग लाई और उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। ईशांक की इस उपलब्धि ने ना सिर्फ रांची बल्कि देश का नाम विश्व स्तर पर किया है।

तारीफों की बाढ़
ईशांक रांचीक के श्यामली डीएवी स्कूल की तीसरी कक्षा के छात्र हैं। इस उपलब्धि के लिए स्कूल की तरफ से भी ईशांक के लिए तारीफों की बाढ़ आ गई है। उनकी इस उपलब्धि पर प्रिंसिपल ने कहा कि ईशांक की यह उपलब्धि स्कूल के लिए, पूरे रांची शहर के लिए और पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस कम उम्र में ईशांक का कठिन समुद्री परिस्थितियों में विश्व रिकॉर्ड बनाना असाधारण साहस और पक्के इरादे के चलते संभव हो पाया है। प्रिंसिपल ने ईशांक की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इतना बड़ा रिकॉर्ड बनाना उनकी लगन और मार्गदर्शन का परिणाम है। प्रिंसिपल ने कहा कि ईशांक की यह उपलब्धि बाकी छात्रों को भी प्रेरित करेगी।

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