क्या ईरान पर हमला करने वाला है अमेरिका?

वाशिंगटन. ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जो दिसंबर 2025 के अंत में आर्थिक कठिनाइयों से शुरू हुए थे। अब यह पूरे देश में फैल चुका है और इस्लामी गणराज्य के अंत की मांग करने वाला राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हाल ही में ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर ब्रिफिंग दी गई है। इन विकल्पों में तेहरान के चुनिंदा स्थानों, विशेष रूप से शासन की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े गैर-सैन्य ढांचों पर हमले शामिल हैं। हालांकि, अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। ट्रंप प्रशासन ईरानी अधिकारियों की

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Published On :

जनवरी 11, 2026

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वाशिंगटन.

ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जो दिसंबर 2025 के अंत में आर्थिक कठिनाइयों से शुरू हुए थे। अब यह पूरे देश में फैल चुका है और इस्लामी गणराज्य के अंत की मांग करने वाला राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हाल ही में ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर ब्रिफिंग दी गई है। इन विकल्पों में तेहरान के चुनिंदा स्थानों, विशेष रूप से शासन की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े गैर-सैन्य ढांचों पर हमले शामिल हैं। हालांकि, अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

ट्रंप प्रशासन ईरानी अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों पर हिंसा रोकने के लिए कूटनीतिक, आर्थिक और सैन्य उपायों पर विचार कर रहा है। ईरानी शासन ने विरोध को दबाने के लिए देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट लगाया है। सुरक्षा बलों की ओर से लाइव गोलीबारी और गिरफ्तारियों की खबरें आ रही हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, 'ईरान पहले कभी इतनी आजादी की ओर नहीं देख रहा था। अमेरिका मदद के लिए तैयार है!'

मेक ईरान ग्रेट अगेन का दिया नारा

रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए लिखा कि ईरानी लोगों का लंबा दुःस्वप्न जल्द खत्म होने वाला है। उन्होंने मेक ईरान ग्रेट अगेन का नारा देकर आयतुल्लाह शासन के खिलाफ मजबूत संकेत दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी जीतेंगे और मदद रास्ते में हम हैं। मानवाधिकार संगठनों और इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के अनुसार, 10 जनवरी को 15 प्रांतों में 60 विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें से कई मध्यम और बड़े स्तर के थे। प्रदर्शन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सबसे बड़ा आंदोलन माना जा रहा है, जिसमें युवा, छात्र और विभिन्न वर्ग शामिल हैं। ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को उन्मादी और अमेरिका-इजरायल के एजेंट करार दिया है।

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