IRGC Spokesman: ईरान की सुरक्षा और सूचना तंत्र को एक बड़ा झटका लगा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख प्रवक्ता और रणनीतिकार ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, ईरान पर हुए हालिया हमलों में नैनी की जान गई। नैनी केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं थे, बल्कि वे IRGC के सूचना विभाग और साइकोलॉजिकल वॉरफेयर (मनोवैज्ञानिक युद्ध) टीम के सबसे शक्तिशाली स्तंभ माने जाते थे। IRGC द्वारा जारी किए जाने वाले हर आधिकारिक बयान, टीवी इंटरव्यू और प्रोपगैंडा सामग्री को नैनी की मंजूरी के बाद ही सार्वजनिक किया जाता था।
ट्रंप को चुनौती और फारस की खाड़ी पर नैनी का आखिरी बयान
अपनी मौत से कुछ समय पहले, नैनी ने तस्नीम न्यूज एजेंसी को एक विस्फोटक इंटरव्यू दिया था। इस बातचीत में उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर ललकारा था। नैनी ने कहा था, “अगर ट्रंप का दावा सही है कि ईरान की नेवी नष्ट हो चुकी है, तो उनमें इतनी हिम्मत होनी चाहिए कि वे अपने जहाज पर्शियन गल्फ (फारस की खाड़ी) में भेजकर दिखाएं।” उनका यह बयान ईरान की उस आक्रामक छवि को दर्शाता था, जिसे वे वर्षों से गढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
मिसाइल भंडार और सैन्य शक्ति पर नैनी का अटूट भरोसा
नैनी ने अपने हालिया बयानों में बार-बार यह दोहराया था कि युद्ध के बावजूद ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने दावा किया था कि देश के पास मिसाइलों का पर्याप्त भंडार है और उत्पादन “आश्चर्यजनक” गति से जारी है। नैनी ने ईरानी कैलेंडर वर्ष 1404 (2025-2026) के लिए मिसाइल उद्योग की प्रगति को ’20/20′ का परफेक्ट स्कोर दिया था। उनके अनुसार, ईरान की मिसाइल तकनीक अब उस स्तर पर पहुँच चुकी है जहाँ से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
6 महीने के ‘हाई-इंटेंसिटी’ युद्ध का दावा और इजरायल को चेतावनी
मीडिया में अपनी सक्रियता के दौरान नैनी ने यह विश्वास जताया था कि ईरान अमेरिका और इजरायल जैसे शक्तिशाली दुश्मनों के खिलाफ कम से कम 6 महीने तक निरंतर ‘हाई-इंटेंसिटी’ युद्ध लड़ने में सक्षम है। उन्होंने अक्सर यह तर्क दिया कि ईरान ने अब तक अपनी पूरी ताकत दुनिया को नहीं दिखाई है। नैनी का मानना था कि ईरान की सैन्य शक्ति को कम आंकना दुश्मनों की सबसे बड़ी भूल होगी, और उनका देश लंबी जंग के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार है।
दुश्मन के लिए ‘सरप्राइज’ और नई पीढ़ी की मिसाइलों का रहस्य
नैनी की युद्ध रणनीति का सबसे अहम हिस्सा ‘सरप्राइज’ था। उन्होंने कहा था कि ईरान ने अभी तक केवल अपनी पुरानी पीढ़ी की मिसाइलों का ही इस्तेमाल किया है। उनके अनुसार, ईरान की सबसे घातक, आधुनिक और एडवांस्ड मिसाइलें अभी भी सुरक्षित रखी गई हैं, जिन्हें सही समय आने पर लॉन्च किया जाएगा। नैनी का दावा था कि जैसे-जैसे युद्ध आगे बढ़ेगा, दुश्मन को ऐसे ‘जटिल और अप्रत्याशित’ घटनाक्रमों का सामना करना पड़ेगा, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी।
ईरान की ‘अजेय’ छवि बनाने में नैनी का योगदान
ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी केवल युद्ध के मैदान में ही नहीं, बल्कि जनमत तैयार करने में भी माहिर थे। IRGC के सोशल मीडिया पोस्ट्स से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिए गए बयानों तक, नैनी का उद्देश्य हमेशा ईरान को एक ‘अजेय’ शक्ति के रूप में पेश करना था। उनकी मौत को IRGC के पब्लिक रिलेशंस और मनोवैज्ञानिक ऑपरेशंस के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके जाने से न केवल ईरान के रक्षा तंत्र पर असर पड़ेगा, बल्कि उसकी सूचना युद्ध की रणनीति में भी एक बड़ा खालीपन पैदा होगा।









