Iranian Sleeper Cells US: अमेरिका में ईरान के 750 स्लीपर सेल सक्रिय, ट्रंप और एफबीआई ने जताई बड़ी चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एफबीआई निदेशक काश पटेल ने सनसनीखेज दावा किया है कि अमेरिका के भीतर सैकड़ों ईरानी 'स्लीपर सेल' सक्रिय हो चुके हैं। खुफिया एजेंसियों ने एक 'इनक्रिप्टेड' मैसेज पकड़ा है जो इन एजेंटों को हमले का इशारा हो सकता है। क्या अमेरिका के बड़े शहर अब ईरानी निशाने पर हैं?

Iranian Sleeper Cells US

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 12, 2026

Iranian Sleeper Cells US: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली और डरावनी रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका की सीमाओं के भीतर ईरान के कम से कम 750 स्लीपर सेल एजेंट पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। इस खुलासे ने न केवल वाशिंगटन के सुरक्षा गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चिह्नित 1500 एजेंटों में से आधे अब भी अमेरिकी धरती पर मौजूद

सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने पहले लगभग 1500 संदिग्ध ईरानी एजेंटों की पहचान की थी। रिपब्लिकन सांसद बराद कन्नोट ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए खुलासा किया कि इनमें से 750 एजेंटों को किन्हीं कारणों से छोड़ दिया गया था, जो अब अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में छिपकर सक्रिय हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सुरक्षा चूक के लिए पिछली सरकारों की उदार नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि उन नीतियों की वजह से ही ईरानी स्लीपर सेल को अमेरिका में अपनी जड़ें जमाने और मजबूत नेटवर्क बनाने का पर्याप्त समय मिल गया।

कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर पर ड्रोन हमले का मंडराता खतरा

ईरान की रणनीति केवल व्यक्तियों को निशाना बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अमेरिका की आर्थिक शक्ति को चोट पहुँचाने की फिराक में है। एफबीआई (FBI) द्वारा जारी एक ताजा अलर्ट के अनुसार, ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स’ (IRGC) कैलिफोर्निया स्थित वैश्विक टेक दिग्गजों के मुख्यालयों पर ड्रोन हमला कर सकती है। इस संभावित हमले का उद्देश्य दुनिया भर में चल रही डिजिटल सेवाओं को बाधित करना और वैश्विक तकनीकी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अराजकता फैल सके।

राष्ट्रपति ट्रंप और शीर्ष अधिकारियों की हत्या की साजिश का खुलासा

खुफिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि इन स्लीपर सेल्स के निशाने पर खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व एनएसए जॉन बॉल्टन जैसे कई शीर्ष अधिकारी हैं। इसके अलावा, लॉस एंजिल्स में रहने वाले लगभग 7 लाख ईरानी मूल के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में एक कोडेड मैसेज (सांकेतिक संदेश) को इंटरसेप्ट किया है, जिसका अर्थ ‘सभी के सक्रिय होने का समय’ बताया जा रहा है। यह इस बात का संकेत है कि ये सेल किसी भी क्षण बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं।

अपराधियों और किराए के हत्यारों का शातिराना इस्तेमाल

ईरानी स्लीपर सेल की कार्यप्रणाली बेहद पेचीदा है। वे सीधे तौर पर सामने आने के बजाय स्थानीय अपराधियों और ‘किराए के हत्यारों’ (Hitmen) का सहारा लेते हैं। इसके लिए वे भारी धन का लालच देने या ब्लैकमेलिंग जैसे हथकंडों का उपयोग करते हैं। इसी महीने की शुरुआत में एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति ने अमेरिकी जेल में यह स्वीकार किया था कि वह ईरानी स्लीपर सेल के लिए काम कर रहा था। उनका प्राथमिक उद्देश्य लक्षित हत्याओं (Target Killings) के जरिए देश के भीतर भारी हिंसा और असुरक्षा का माहौल पैदा करना है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और भविष्य की रणनीतिक चुनौतियां

इन खुलासों के बाद अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार इन स्लीपर सेल्स को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाएगी। टेक सेक्टर की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है और संदिग्धों की निगरानी तेज कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन गुप्त नेटवर्कों को ध्वस्त नहीं किया गया, तो यह न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया की डिजिटल और शारीरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

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