Iranian Oil Tankers Seized: भारतीय कार्रवाई में तीन संदिग्ध ईरानी तेल टैंकर जब्त, अमेरिकी प्रतिबंध कनेक्शन की जांच तेज

भारतीय तटरक्षक बल ने मुंबई से 100 समुद्री मील दूर एक बड़े ऑपरेशन में तीन ऐसे तेल टैंकरों को जब्त किया है, जो अपनी पहचान बदलकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को चकमा दे रहे थे। 'स्टेलर रूबी' सहित इन जहाजों का संबंध ईरानी 'शैडो फ्लीट' से बताया जा रहा है। आखिर इनके असली मालिक कौन हैं?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 17, 2026

Iranian Oil Tankers Seized: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने समुद्री सीमा पर एक अहम अभियान चलाते हुए तीन संदिग्ध विदेशी तेल टैंकरों को हिरासत में लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन जहाजों के आईएमओ (IMO) नंबर उन पोतों से मेल खाते हैं जिन्हें पहले ही अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किया जा चुका है। आशंका जताई जा रही है कि ये टैंकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार कर ईरान से तेल की तस्करी में शामिल हो सकते हैं। फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है और संबंधित एजेंसियां तकनीकी डेटा की पड़ताल में जुटी हैं।

मुंबई तट के पास इंटरसेप्ट, पोर्ट पर लाकर जांच

जब्त किए गए जहाजों के नाम Stellar Ruby, Asphalt Star और Al Jafzia बताए जा रहे हैं। इन टैंकरों को मुंबई तट से करीब 100 नॉटिकल मील पश्चिम में संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका गया। इसके बाद उन्हें विस्तृत जांच के लिए मुंबई पोर्ट लाया गया। प्रारंभिक जांच में कई तकनीकी विसंगतियां सामने आई हैं, जिससे संदेह और गहरा गया है कि जहाज किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।

पहचान छिपाने के लिए बदले नाम, झंडे और दस्तावेज

जांच एजेंसियों को पता चला है कि इन जहाजों ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए कई बार नाम, झंडा और मालिकाना दस्तावेज बदले। यह तरीका तथाकथित ‘घोस्ट शिपिंग’ नेटवर्क में आम माना जाता है, जिसमें जहाज अंतरराष्ट्रीय निगरानी से बचने के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन बदलते हैं।

  • अल जफजिआ के बारे में शिपिंग डेटा से संकेत मिला है कि इसने वर्ष 2025 में ईरान से जिबूती तक ईंधन पहुंचाया था।

  • स्टेलर रूबी पहले ईरानी झंडे के तहत पंजीकृत रह चुका है।

  • अस्फाल्ट स्टार मुख्य रूप से चीन के आसपास समुद्री मार्गों पर सक्रिय बताया गया है।

इन तथ्यों से संकेत मिलता है कि ये जहाज प्रतिबंधित तेल व्यापार के जटिल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

अमेरिकी प्रतिबंधों से मेल खाते तकनीकी संकेत

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के तहत काम करने वाला Office of Foreign Assets Control (OFAC) पहले ही कुछ जहाजों—ग्लोबल पीस, चिल 1 और ग्लोरी स्टार 1—पर प्रतिबंध लगा चुका है। जांच में सामने आया है कि जब्त किए गए जहाजों का तकनीकी डेटा इन प्रतिबंधित पोतों से काफी हद तक मेल खाता है। हालांकि, National Iranian Oil Company (NIOC) ने इन जहाजों से किसी भी प्रकार के संबंध से साफ इनकार किया है। ईरान का कहना है कि उसका इन पोतों के संचालन या स्वामित्व से कोई लेना-देना नहीं है।

तटरक्षक बल अलर्ट मोड पर, चौबीसों घंटे निगरानी

इस घटनाक्रम के बाद Indian Coast Guard ने समुद्री सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी है। भारत की समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 55 जहाज और 10 से 12 विमान लगातार गश्त कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 6 फरवरी को इस कार्रवाई से जुड़ी एक पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई थी, जिसे बाद में तकनीकी या रणनीतिक कारणों से हटा लिया गया।

‘शिप-टू-शिप’ ट्रांसफर से बचाई जाती है पहचान

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिबंधित तेल को कानूनी जोखिम के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम कीमत पर बेचा जाता है। इसकी असली उत्पत्ति छिपाने के लिए बिचौलिए समुद्र के बीच ‘शिप-टू-शिप’ ट्रांसफर, फर्जी कागजात और जहाजों के ट्रांसपोंडर बंद करने जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। भारतीय एजेंसियां अब यह जांच रही हैं कि क्या जब्त किए गए टैंकर भी इसी तरह की गतिविधियों में संलिप्त थे। पूरे मामले ने क्षेत्रीय और वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।