Esmail Khatib Death: मध्य पूर्व में जारी महायुद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी दौर में पहुँच चुका है। इजरायल ने ईरान के सैन्य और राजनीतिक ढांचे की कमर तोड़ने के लिए उसके शीर्ष नेतृत्व को चुन-चुनकर निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार, 18 मार्च 2026 को इजरायल के रक्षा मंत्री ने एक सनसनीखेज दावा किया है कि इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने ईरान के शक्तिशाली खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब को एक सटीक सैन्य कार्रवाई में ढेर कर दिया है। इस खबर ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है, क्योंकि खातिब ईरान के सुरक्षा तंत्र के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक थे।
खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब का खात्मा: इजरायल का बड़ा सैन्य दावा
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि इस्माइल खातिब को रात भर चले एक विशेष ऑपरेशन के दौरान मार गिराया गया। खातिब न केवल ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर थे, बल्कि वे देश की आंतरिक और बाहरी जासूसी गतिविधियों के मास्टरमाइंड माने जाते थे। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से इजरायल ने हाल के दिनों में एक के बाद एक ईरानी दिग्गजों को निशाना बनाया है, उससे इस दावे में दम नजर आता है।
अमेरिका का $10 मिलियन का इनामी अपराधी: खातिब पर था कड़ा पहरा
न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, इस्माइल खातिब उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल थे, जो अमेरिका की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में थे। पिछले हफ्ते ही अमेरिका ने खातिब के बारे में पुख्ता जानकारी देने वाले को 10 मिलियन डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की थी। इजरायली रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को किसी भी वरिष्ठ ईरानी अधिकारी को देखते ही निशाना बनाने के लिए ‘खुली छूट’ दे दी है। अब IDF को किसी भी बड़े हमले के लिए अतिरिक्त अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
तेहरान पर भीषण हमला: मिसाइल सिस्टम और कमांड सेंटर तबाह
इस्माइल खातिब की हत्या के साथ-साथ, इजरायली वायुसेना ने तेहरान के हृदय क्षेत्र में स्थित रिवोल्यूशनरी गार्ड यूनिट, सुरक्षा बलों के प्रमुख आपूर्ति केंद्रों और मिसाइल प्रणालियों पर भीषण बमबारी की है। इजरायली कमांडो ने तेहरान के भीतर स्थित सामरिक कमांड सेंटरों को निशाना बनाया, जिसमें कई उच्च स्तरीय अधिकारियों के मारे जाने और घायल होने की खबर है। इस हमले का उद्देश्य ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता को पूरी तरह पंगु बनाना है।
अली लारीजानी और शीर्ष नेतृत्व का अंत: ईरान के लिए अपूरणीय क्षति
इससे पहले, मंगलवार (17 मार्च 2026) को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने अपने सचिव और कद्दावर नेता अली लारीजानी की मौत की पुष्टि की थी। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस हमले में लारीजानी के साथ उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी और सुरक्षा मामलों के उप-प्रमुख अलीरेजा बायात भी मारे गए। इजरायल ने लारीजानी को निशाना बनाकर यह साफ कर दिया है कि वह ईरान के नीति-निर्धारकों को पूरी तरह खत्म करने के अभियान पर है।
आईआरजीसी के बसीज प्रमुख सोलेमानी की भी हुई शहादत
ईरान के लिए मुश्किलों का दौर यहीं खत्म नहीं होता। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी मंगलवार को स्वीकार किया कि बसीज स्वयंसेवक बल के प्रमुख घोलमरेजा सोलेमानी की मौत एक संयुक्त अमेरिका-इजरायल हमले में हुई है। एक ही हफ्ते के भीतर अपने खुफिया मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख और अर्धसैनिक बल के प्रमुख को खोना ईरान के लिए एक ऐसा सैन्य वैक्यूम पैदा कर रहा है, जिससे उबरना नामुमकिन लग रहा है। इजरायल की यह “टारगेटेड किलिंग” रणनीति अब सीधे तौर पर तेहरान के सत्ता केंद्र को चुनौती दे रही है।
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