US Israel Conflict : ईरान की अमेरिका-इजरायल को बड़ी चेतावनी, अभी तक इस्तेमाल नहीं की अपनी सबसे घातक मिसाइलें

2026 के युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल को अंतिम चेतावनी दी है। तेहरान का दावा है कि अब तक के हमलों में उसने अपनी सबसे उन्नत और विनाशकारी मिसाइलों का उपयोग नहीं किया है। क्या ईरान के पास कोई ऐसा 'ब्रह्मास्त्र' है जो इजरायल के आयरन डोम को भी ध्वस्त कर देगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 25, 2026

US Israel Conflict : ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता की सुगबुगाहट के बीच तेहरान ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। ईरानी सेना ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि इजरायल और अमेरिका के साथ हालिया संघर्ष के दौरान उसने अपनी वास्तविक मिसाइल क्षमता का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित रखा है। यह बयान तब आया है जब कुछ समय पहले रूस ने ईरान के पास ‘रहस्यमयी और अदृश्य’ हथियारों के होने की बात कही थी।

ईरान का रक्षा मंत्रालय बोला: “असली ताकत अभी बाकी है”

ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रेजा तलाई-निक ने शनिवार को रणनीतिक बयान जारी करते हुए कहा कि हालिया युद्ध के दौरान ईरान ने अपनी मिसाइल शक्ति का केवल एक छोटा अंश ही प्रदर्शित किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का सबसे उन्नत मिसाइल भंडार अभी भी अछूता है और उसे भविष्य की किसी भी बड़ी चुनौती के लिए बचाकर रखा गया है। जनरल तलाई-निक के अनुसार, ईरानी सशस्त्र बलों ने युद्धविराम (सीजफायर) से ठीक पहले तक इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों के हवाई क्षेत्र पर अपना प्रभावी वर्चस्व बनाए रखा था।

रूस के रहस्यमयी मिसाइल दावों पर लगी मुहर

हाल ही में क्रेमलिन ने एक बयान में संकेत दिया था कि ईरान के पास कुछ ऐसी मिसाइलें हो सकती हैं जिनकी क्षमता से पूरी दुनिया और पश्चिमी खुफिया एजेंसियां अब तक अनजान हैं। ईरान के ताजा दावे ने रूस के उस बयान की पुष्टि कर दी है। यह दावा विशेष रूप से अमेरिका और इजरायल के लिए चौंकाने वाला है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू लगातार यह दावा कर रहे थे कि हवाई हमलों के जरिए ईरान के मिसाइल उत्पादन और रक्षा तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।

मध्य-पूर्व में तबाही और ईरानी रणनीति

पिछले 40 दिनों के संघर्ष के दौरान, ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों ने इजरायल से लेकर पूरे मध्य-पूर्व में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। हालांकि, ईरानी रक्षा मंत्रालय इसे अपनी रणनीतिक तैयारी का केवल एक हिस्सा मात्र बता रहा है। जनरल तलाई-निक ने जोर देकर कहा, “हमारी मिसाइल क्षमता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अभी भी इस्तेमाल नहीं हुआ है।” उन्होंने बताया कि देश वर्तमान में घरेलू स्तर पर 1,000 से अधिक प्रकार के हथियारों का उत्पादन कर रहा है, जो ईरान को किसी भी लंबे संघर्ष को झेलने की शक्ति प्रदान करता है।

लंबे संघर्ष के लिए तैयार है तेहरान

ईरानी प्रवक्ता ने आगामी कूटनीतिक वार्ताओं के बीच यह भी साफ कर दिया कि ईरान की सेना किसी भी आक्रामकता का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बावजूद, ईरान का कहना है कि उसकी असली मारक क्षमता अभी भी बरकरार है। जनरल ने सीजफायर के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियों और ‘बसीज’ बलों के बीच समन्वय की सराहना की और जनता के सहयोग को एक “सामाजिक चमत्कार” करार दिया।

शांति वार्ता या युद्ध की नई तैयारी?

ईरान का यह बयान एक तरफ अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, तो दूसरी तरफ शांति वार्ता से पहले अमेरिका पर दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकती है। यदि ईरान के पास वास्तव में ऐसी मिसाइलें हैं जो इजरायल और अमेरिकी रक्षा प्रणालियों को चकमा दे सकती हैं, तो मध्य-पूर्व का सुरक्षा समीकरण पूरी तरह बदल सकता है। फिलहाल, दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह केवल एक मनोवैज्ञानिक युद्ध है या ईरान वास्तव में किसी बड़े ‘सरप्राइज’ की तैयारी में है।

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