Iran-US War: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच अमेरिका का एक लड़ाकू विमान ईरान में गिर गया है। यह घटना 4 अप्रैल 2026 को हुई, जब अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल जेट क्रैश हो गया। विमान में मौजूद एक पायलट लापता है, जिसकी तलाश के लिए अमेरिकी सेना ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। ईरान ने दावा किया कि उसने इस विमान को निशाना बनाया था। दो विमानों पर हमला हुआ था, जिनमें से एक क्रू मेंबर को बचा लिया गया, लेकिन दूसरे पायलट का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। ईरान ने इस पायलट की जानकारी देने वाले को इनाम देने की घोषणा भी की है।
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युद्ध का छठा हफ्ता और बढ़ता तनाव
यह पहली बार है जब इस युद्ध के दौरान अमेरिकी विमान ईरान की जमीन पर गिरा है। जंग अब अपने छठे हफ्ते में पहुंच चुकी है और इस घटना से तनाव और बढ़ने की आशंका है। ईरान ने दावा किया कि उसने एक दिन पहले दो अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर भी हमला किया था, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। यह युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों से शुरू हुआ था और अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है।
वैश्विक असर
इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। तेल की कीमतों में तेजी आई है, समुद्री रास्ते प्रभावित हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। ईरान ने बाब-अल-मंदेब समुद्री मार्ग को लेकर भी संकेत दिए हैं, जिससे वैश्विक तेल और सामान की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
ट्रंप की चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला गया, तो 48 घंटे के भीतर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस बीच दुबई में अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल के दफ्तर पर ड्रोन हमले से इमारत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। ईरान के बुशेहर परमाणु केंद्र के पास भी हवाई हमला हुआ, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई और इमारत को नुकसान पहुंचा। वहां काम कर रहे 198 कर्मचारियों को बाहर निकालना पड़ा।
बातचीत की कोशिशें
युद्ध के बीच पाकिस्तान, तुर्किए और मिस्र जैसे देश अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान ने भी कहा है कि वह बातचीत से पीछे नहीं हटेगा। वहीं, लापता अमेरिकी पायलट की तलाश ईरान के दक्षिण-पश्चिमी पहाड़ी इलाके में जारी है।
हताहतों का आंकड़ा
अब तक इस युद्ध में ईरान में 1900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल में 19 लोगों की जानगई है, जबकि अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए हैं। लेबनान में 1400 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं।
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