Iran US War: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी नौसेना ने एक कड़ा संदेश भेजा है। रियर एडमिरल शहराम ईरानी, ईरानी नौसेना के कमांडर, ने स्पष्ट किया कि 4 मार्च को अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा किए गए हमले में मारे गए 87 ईरानी नाविकों का बदला जरूर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस हमले के खिलाफ ईरानी नौसेना किसी भी क़ीमत पर कार्रवाई करेगी और अपने शहीदों का खून बेकार नहीं जाएगा।
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हमला और उसकी पृष्ठभूमि

यह हमला श्रीलंका के गल्ले तट के पास अंतरराष्ट्रीय जल में हुआ, जब ईरानी नौसेना का जहाज IRIS Dena भारत के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद ईरान लौट रहा था। इस हमले में 87 नाविकों की मौत हुई, जबकि कुछ को बचा लिया गया। ईरानी नौसेना के प्रमुख ने इस हमले को ‘नरसंहार’ करार दिया और कहा कि यह हमला ईरान के लिए स्वीकार्य नहीं है।
रियर एडमिरल शहराम ईरानी का बयान
रियर एडमिरल ने प्रेस टीवी से बातचीत में कहा, “हम अपने शहीदों के खून का बदला जरूर लेंगे। दुश्मन को ऐसे जगह से हमला झेलना पड़ेगा, जिसकी उसे उम्मीद भी नहीं होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने दुश्मन को पहले ही ‘घुटनों पर ला दिया है’ और भविष्य में भी वह हर तरह की रणनीतिक कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
उन्होंने जोर देकर कहा, “आज हम अपने प्रियजनों के लिए शोक मना रहे हैं, लेकिन अल्लाह की मदद से हम दुश्मन को उसके किए का जवाब देंगे। हमारे शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।”
वैश्विक प्रतिक्रिया और रणनीतिक महत्व
यह हमला द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी पनडुब्बियों द्वारा किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबाने की पहली घटना मानी जा रही है। इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक विशेषज्ञों ने भी चिंता जताई है। इस घटना के बाद ईरान और अमेरिका के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है। विश्लेषकों का कहना है कि ईरानी नौसेना की जवाबी कार्रवाई से क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक समुद्री मार्गों पर असर पड़ सकता है।
भविष्य की संभावना
रियर एडमिरल शहराम ईरानी के बयान के अनुसार ईरान इस हमले का जवाब ‘घातक हमलों’ से देगा। यह संकेत देता है कि अमेरिकी नौसैनिक फ्लीट और उसके सहयोगी किसी भी तरह की अप्रत्याशित कार्रवाई के लिए सतर्क रहें। ईरानी नौसेना ने स्पष्ट किया है कि वे अपने शहीदों की याद को सम्मानित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी में हैं।
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