Iran US Tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक ऐसा दावा किया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को नए अमेरिकी क्षेत्र के तौर पर दर्शाया गया है।
ट्रंप की ओर से शेयर की गई इस तस्वीर के बाद ईरान की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। तेहरान ने साफ संकेत दिया है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को तब तक खोलने के लिए तैयार नहीं है, जब तक अमेरिका अपने रवैये में बदलाव नहीं करता।
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पहले भी कर चुके हैं ऐसा दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने इस तस्वीर को पहली बार 18 अगस्त को सोशल मीडिया पर साझा किया था। इससे पहले 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड की एक पुलिस अकादमी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि वह जल्द ही इस समुद्री मार्ग को अमेरिका का क्षेत्र घोषित कर देंगे। उनके इस बयान के बाद से ही होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और चर्चा तेज हो गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से भी इसका बेहद अहम महत्व है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों का अंतरराष्ट्रीय बाजार तक परिवहन होता है। ऐसे में इस समुद्री मार्ग को लेकर किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर असर डाल सकता है।
ईरान ने भी अपनाया सख्त रुख
ट्रंप के दावे के बीच ईरान की ओर से भी कड़ा बयान सामने आया है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने कहा है कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक दोबारा नहीं खोलेगा, जब तक अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता और अपने व्यवहार में बदलाव नहीं करता। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, रेजाई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी चिंता
ट्रंप के नक्शे वाले दावे और ईरान के जवाब ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है। एक ओर अमेरिका की तरफ से जलडमरूमध्य को लेकर दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान इसे अपनी रणनीतिक स्थिति और सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य की भौगोलिक और आर्थिक अहमियत को देखते हुए दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रह सकता। इसके प्रभाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा सकती है।
दुनिया की नजर अब अगले कदम पर
ट्रंप के बयान और ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर दोनों देशों के अगले कदम पर है। अगर तनाव आगे बढ़ता है या समुद्री मार्ग को लेकर स्थिति और जटिल होती है, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर देखने को मिल सकता है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है और इस रणनीतिक समुद्री रास्ते का मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में आ गया है।
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