Iran US Conflict: होर्मुज स्ट्रेट विवाद पर भारत की दो टूक, UN में उठाया मुद्दा

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में बड़ा बयान दिया है क्या यह बयान वैश्विक राजनीति में नया मोड़ लाएगा और क्या समुद्री व्यापार की सुरक्षा पर असर पड़ेगा जानिए पूरी रिपोर्ट विस्तार से यहां

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अप्रैल 17, 2026

Iran US Conflict: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथनेनी हरीश ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर भारत की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भारत ने इस संघर्ष की शुरुआत से ही गंभीर चिंता जताई थी और लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। भारत का मानना है कि किसी भी प्रकार के तनाव या युद्ध में सबसे पहले आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और स्थिति को और बिगड़ने से बचाना चाहिए।

PM Modi Trump Call: मोदी-ट्रंप फोन कॉल में क्या बात हुई? होर्मुज से लेकर युद्धविराम तक चर्चा

बातचीत और कूटनीति पर भारत का जोर

भारत ने एक बार फिर दोहराया कि युद्ध और तनाव को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका बातचीत और कूटनीति है। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि सभी देशों को अपने मतभेद शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने चाहिए और किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई से बचना चाहिए। इसके साथ ही भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि हर देश की संप्रभुता और सीमाओं का सम्मान किया जाना आवश्यक है, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था स्थिर बनी रहे।

कॉमर्शियल जहाजों पर हमले पर चिंता

कॉमर्शियल जहाजों पर हमले पर चिंता
कॉमर्शियल जहाजों पर हमले पर चिंता

भारत ने इस संघर्ष के दौरान कॉमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों पर हुए हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। इन हमलों में कई जहाज प्रभावित हुए और इस दौरान कुछ भारतीय नाविकों की भी जान गई, जिसे भारत ने अत्यंत दुखद बताया। भारत ने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह से गलत है क्योंकि इससे निर्दोष लोगों की जान जोखिम में पड़ती है और वैश्विक व्यापार व्यवस्था भी प्रभावित होती है।

होर्मुज स्ट्रेट का रणनीतिक महत्व

इस पूरे मुद्दे में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा होर्मुज स्ट्रेट को लेकर रही। भारत ने इस समुद्री मार्ग को वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। भारत ने स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा या खतरा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

India Austria Partnership : भारत-ऑस्ट्रिया के बीच ‘ऐतिहासिक’ समझौता, रक्षा, व्यापार और सिनेमा में बढ़ेगा सहयोग, जानें बड़ी बातें

भारत की अपील: सुरक्षित और निर्बाध व्यापार

भारत ने सभी देशों से अपील की है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट और पूरी सुरक्षा के साथ होनी चाहिए। भारत का कहना है कि वैश्विक व्यापार प्रणाली की स्थिरता के लिए इस मार्ग का खुला रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां किसी भी प्रकार की रुकावट से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।