Iran America Ceasefire: 40 दिनों की जंग के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला, तेहरान में जश्न

ईरान और अमेरिका के बीच 40 दिनों के भीषण संघर्ष के बाद आखिरकार दो सप्ताह के युद्धविराम का ऐलान हो गया है। ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति जताई है। वहीं, अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जबकि तेहरान की सड़कों पर जीत का जश्न मनाया जा रहा है।

Iran America Ceasefire

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 8, 2026

Iran America Ceasefire: ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच पिछले 40 दिनों से जारी प्रलयंकारी युद्ध के बाद आखिरकार दो सप्ताह के युद्धविराम (Ceasefire) का आधिकारिक ऐलान हो गया है। इस घोषणा के साथ ही ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर अपनी जीत और शांति का जश्न मना रहे हैं। दूसरी ओर, इजरायल ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इस शांति प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने के लिए आगामी 10 अप्रैल को पाकिस्तान की मेजबानी में एक निर्णायक अंतरराष्ट्रीय बैठक होने जा रही है।

भीषण सैन्य प्रहार और नेतृत्व का संकट

ज्ञात हो कि संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर एक विनाशकारी हमला किया था। इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई सहित कई शीर्ष स्तर के नेताओं और सैन्य अधिकारियों की मृत्यु हो गई थी। इस आघात के जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘हॉर्मुज स्ट्रेट’ (Hormuz Strait) को पूरी तरह बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा हो गया और एशिया से लेकर यूरोप तक हाहाकार मच गया।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिली संजीवनी

40 दिनों की व्यापारिक नाकाबंदी के बाद ईरान द्वारा हॉर्मुज स्ट्रेट को दो सप्ताह के लिए खोलने का फैसला वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए ‘ऑक्सीजन’ जैसा साबित हुआ है। इस मार्ग के बंद होने से भारत सहित दर्जनों देशों के मालवाहक जहाज और तेल टैंकर फंस गए थे, जिससे एलपीजी और कच्चे तेल की सप्लाई चेन चरमरा गई थी। अब इस युद्धविराम समझौते के तहत जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू होगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।

व्हाइट हाउस के बाहर ट्रंप के खिलाफ आक्रोश की लहर

जहां एक ओर मिडिल ईस्ट में जश्न का माहौल है, वहीं अमेरिका में घरेलू मोर्चे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीजफायर की घोषणा के बावजूद, व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है। आक्रोशित जनता ट्रंप पर ‘युद्ध अपराध’ का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि वे अगले चुनाव तक प्रतीक्षा नहीं कर सकते और दुनिया भर में हो रही इस ‘क्रूरता’ को रोकने के लिए सत्ता परिवर्तन अनिवार्य है।

10 अप्रैल की इस्लामाबाद बैठक पर टिकी दुनिया की निगाहें

आने वाली 10 अप्रैल की तारीख अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में सीजफायर को स्थायी बनाने और युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण पर चर्चा होगी। ईरान ने अपनी 10 शर्तें पहले ही मेज पर रख दी हैं, जिन पर ट्रंप प्रशासन ने शुरुआती सहमति जताई है। हालांकि, इजरायल के रुख और अमेरिका के आंतरिक विरोध को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह दो हफ्तों की अस्थायी शांति किसी दीर्घकालिक समाधान में बदल पाएगी या नहीं।