Middle East Crisis : ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर बड़ा हमला, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में बढ़ा तनाव, ट्रंप का जवाब

ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में सुरक्षा चिंताएं तेज हो गई हैं। अब सबकी नजर ट्रंप के जवाब और अमेरिका की अगली रणनीति पर है। क्या यह संकट बड़े संघर्ष की ओर बढ़ रहा है?

Middle East Crisis

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 13, 2026

Middle East Crisis : मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब बेहद घातक और व्यापक रूप ले चुका है। हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान के पांच प्रांतों पर किए गए बड़े सैन्य हमलों के जवाब में, तेहरान ने भी पलटवार करते हुए सोमवार, 13 जुलाई को तीन देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को अपना निशाना बनाया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि उन्होंने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन के जरिए घातक हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है।

जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर ईरान की सैन्य स्ट्राइक

तेहरान की इस आक्रामक जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन के ‘प्रिंस हसन एयरबेस’ को विशेष रूप से निशाना बनाया गया, जहाँ ईरान की मिसाइलों ने फ्यूल टैंक और मिसाइल डिपो को भारी नुकसान पहुँचाया। वहीं बहरीन में स्थित अमेरिका के ‘ड्रोन कमांड सेंटर’ में भी जोरदार धमाके की खबर है। ईरान की ओर से जारी इस आक्रामक रुख के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे चेतावनी दी गई है कि यदि अमेरिका ने अपने हमले नहीं रोके, तो ईरान उनके सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर देगा। जॉर्डन ने अपनी सुरक्षा घेरेबंदी का हवाला देते हुए दावा किया है कि उन्होंने ईरान द्वारा दागी गई कम से कम चार मिसाइलों को बीच हवा में ही मार गिराया है।

क्षेत्रीय देशों की रक्षात्मक प्रतिक्रिया और एयर डिफेंस सिस्टम

ईरान के हमलों के बाद कुवैत में भी हड़कंप मच गया। कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने पुष्टि की कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन की मिसाइलों का मुकाबला कर रहा है और उन्होंने कई मिसाइलों को नष्ट करने में सफलता प्राप्त की है। ‘अल जजीरा’ की रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत की तीन उत्तरी सीमा चौकियों को हमलों में नुकसान पहुँचा है। एक ड्रोन हमले ने कुवैत ऑयल कंपनी के एक ऑफशोर ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसमें एक कर्मचारी के घायल होने की सूचना है। क्षेत्रीय देशों की सेनाएं अब हाई अलर्ट पर हैं और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रही हैं।

300 से अधिक हमलों के साथ युद्ध अपने चरम पर

‘फॉक्स न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना का आक्रामक अभियान लगातार जारी है। अमेरिकी बलों ने केवल एक रात में ईरान के करीब 140 सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया, जिससे पिछले तीन दिनों में कुल हमलों की संख्या 300 के पार पहुँच गई है। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को पंगु बनाना है, जबकि ईरान पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच यह निरंतर सैन्य आदान-प्रदान मिडिल ईस्ट को एक अनिश्चित और खतरनाक युद्ध की ओर धकेल रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर गहरी नजर रखे हुए है, क्योंकि इस संघर्ष का वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय शांति पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

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