Iran Unrest: 14 जनवरी 2026 को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने देश में जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान में जो कुछ भी हो रहा है, उसके पीछे बाहरी ताकतों की भूमिका है। पेजेश्कियान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय शक्तियां ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर हालात को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं।
पहले भी दंगाइयों और आतंकियों की निंदा
यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने इस तरह की बात कही हो। इससे पहले भी वे दंगाइयों और आतंकवादियों की आड़ में ईरानी समाज में अव्यवस्था फैलाने वालों की कड़ी निंदा कर चुके हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि शांतिपूर्ण नागरिकों की मांगों और हिंसा फैलाने वालों के बीच फर्क करना जरूरी है।मसूद पेजेश्कियान इस बार पहली बार खुलकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सामने आए। उन्होंने कहा कि यदि लोगों की आवाज समय रहते सुनी जाती, तो सड़कों पर प्रदर्शन की नौबत नहीं आती। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि समाज के हर वर्ग की बात सुनी जानी चाहिए और मौजूदा संकट का समाधान निकालना बेहद आवश्यक है।
अमेरिका और इजरायल पर लगाए आरोप
अपने बयान में पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ये देश दंगों को बढ़ावा देकर ईरान में अफरा-तफरी और अस्थिरता फैलाना चाहते हैं। राष्ट्रपति ने ईरानी जनता से अपील की कि वे दंगाइयों और आतंकवादियों से दूरी बनाए रखें और देश की एकता को कमजोर न होने दें।इससे पहले 11 जनवरी 2026 को मसूद पेजेश्कियान ने देश को संबोधित किया था। अपने भाषण में उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों और चिंताओं को गंभीरता से सुनेगी। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि समाज में अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकारी टीवी को दिए इंटरव्यू में क्या बोले
ईरान के सरकारी टीवी चैनल को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ने कहा, “ईरानियों को दंगाइयों को समाज में गड़बड़ी फैलाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। सरकार न्याय चाहती है और लोगों की चिंताओं को समझती है।” उन्होंने माना कि जनता फिक्रमंद है और सरकार को भी इस बात का एहसास है।पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लोगों की बातें सुनें और उनकी समस्याओं का समाधान खोजें। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दंगाई पूरे ईरानी समाज को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन के बीच इरफान सुलतानी को फांसी की आशंका
इसी बीच, प्रदर्शनों के माहौल में 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को आज फांसी दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। इरफान को 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और 11 जनवरी को उन्हें मौत की सजा सुनाई गई। उन पर हिंसा भड़काने और ‘खुदा के खिलाफ जंग छेड़ने’ का आरोप लगाया गया है।
परिवार को आखिरी मुलाकात का समय
इस मामले में आगे किसी ट्रायल की प्रक्रिया नहीं होगी। प्रशासन की ओर से इरफान सुलतानी के परिवार को केवल 10 मिनट के लिए आखिरी मुलाकात की अनुमति दी गई है। इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और आम जनता के बीच चिंता और नाराजगी को और बढ़ा दिया है।ईरान में लगातार बदलते हालात, राष्ट्रपति के बयान और संभावित फांसी ने वैश्विक समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना जताई जा रही है।










