Advisory for Indians: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा के बावजूद क्षेत्र में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एक नई और सख्त ट्रैवल एडवाइजरी (Travel Advisory) जारी की है। केंद्र सरकार ने इस एडवाइजरी में ‘हाई अलर्ट’ घोषित करते हुए सभी भारतीयों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
भारतीय दूतावास की नई गाइडलाइंस
बताते चले कि, विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे जितना जल्दी संभव हो सके, ईरान की सीमाओं से बाहर निकल जाएं। सरकार ने आगाह किया है कि कोई भी नागरिक बिना आधिकारिक अनुमति के अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश न करे। एडवाइजरी में यह भी सुझाव दिया गया है कि लोग केवल दूतावास द्वारा सुझाए गए सुरक्षित रास्तों का ही उपयोग करें। दूतावास ने नागरिकों को निरंतर संपर्क में रहने की सलाह दी है ताकि आपात स्थिति में उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।
ईरान में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
केंद्र सरकार ने संकट में फंसे अपने नागरिकों की सहायता के लिए भारतीय दूतावास के जरिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर्स (Emergency Helpline Numbers) सक्रिय कर दिए हैं। ईरान में मौजूद लोग किसी भी सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- फोन नंबर: +989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359
- ईमेल आईडी: cons.tehran@mea.gov.in
इससे पहले भी सरकार ने नागरिकों को 48 घंटों तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का निर्देश दिया था, जिसे अब ‘एग्जिट ऑर्डर’ में बदल दिया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दी गई अंतिम चेतावनी
भले ही अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों का युद्धविराम हुआ है, लेकिन इसके पीछे की कहानी काफी गंभीर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल की समय सीमा (Deadline) खत्म होने से ठीक पहले सीजफायर का ऐलान किया। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) का रास्ता नहीं खोलता, तो वह सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। ट्रंप के अनुसार, यह रास्ता बंद रहने की स्थिति में वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है, जिसे अमेरिका लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं करेगा।
28 फरवरी से जारी सैन्य गतिरोध
28 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस जंग में अब तक राष्ट्रपति ट्रंप ईरान को छह बार समझौते के अवसर दे चुके हैं। पिछले कुछ हफ्तों में धमकियों और अल्टीमेटम का एक लंबा सिलसिला चला है:
- 21 मार्च: होर्मुज स्ट्रेट न खोलने पर बिजली संयंत्रों पर हमले की पहली चेतावनी।
- 27 मार्च: हमले को 10 दिन के लिए टालते हुए 6 अप्रैल तक का समय दिया गया।
- 5 अप्रैल: पावर प्लांट और पुलों पर हमले की धमकी के साथ 7 अप्रैल तक का अंतिम अल्टीमेटम।
यही कारण है कि भारत सरकार सीजफायर पर पूरी तरह भरोसा न करते हुए अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।










