Iran Protest: ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कड़ा रुख अपना लिया है।ईरान में इंटरनेट बंद होने, फोन कॉल ठप होने और उड़ानें रद्द होने के एक दिन बाद,ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के इशारे पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।टेलीविजन पर अपने संबोधन में खामेनेई ने कहा कि,दंगाई सार्वजनिक संपत्ति पर हमला कर रहे हैं लेकिन ईरान की जनता एकजुट होकर दुश्मनों को परास्त कर देगी।
Iran Protest: ईरान में खामेनेई के तेवर सख्त, गोलीबारी में 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत
ईरान में हिंसक प्रदर्शन के लिए ट्रंप जिम्मेदार-खामेनेई
खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपने देश की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को चेतावनी देते हुए कहा कि,अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा।व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा,अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं, तो हम दखल देंगे।हम वहां हमला करेंगे, जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा।
खामेनेई को ट्रंप की सख्त चेतावनी
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि, इसका मतलब जमीनी सैन्य कार्रवाई नहीं है, लेकिन अमेरिका ऐसे कदम उठाएगा जो ईरान के लिए बेहद नुकसानदेह होंगे।उन्होंने कहा कि,ईरान बहुत बड़ी मुसीबत में है और हालात पर अमेरिका करीब से नजर बनाए हुए है।इस बीच तेहरान के मेयर अलीरेज़ा ज़कानी ने कहा कि,प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है जिसमें 26 बैंक,दो अस्पताल और 25 मस्जिदें शामिल हैं।
सरकारी प्रसारण सेवा और इंटरनेट पर बैन
उन्होंने बताया कि,पुलिस केंद्रों और 48 दमकल वाहनों पर भी हमले किए गए। प्रदर्शनकारियों ने इस्फहान में सरकारी प्रसारण सेवा आईआरआईबी के कार्यालय में भी आग लगा दी।मानवाधिकार समूहों की रिपोर्ट के अनुसार 28 दिसंबर को अशांति शुरू होने के बाद से बच्चों सहित कम से कम 45 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और 2,200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि,950 पुलिस अधिकारी और अर्धसैनिक बल के 60 जवान भी घायल हुए हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान 2 हजार से अधिक लोग गिरफ्तार
ईरान में विरोध प्रदर्शन जैसे-जैसे उग्र रुप ले रहा सरकार ने इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है।इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक लोगों की पहुंच सीमित हो गई है। विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं।मानवाधिकारों के उल्लंघन का दस्तावेजीकरण करने वाले संगठनों,जिनमें ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी, ईरान ह्यूमन राइट्स और हेंगाव ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स शामिल हैं ने पहले मृतकों की संख्या 62 बताई थी।एजेंसी ने बताया विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 2,300 गिरफ्तारियां हुई हैं।










