Iran Blast News: दुनिया अभी अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम की खबर पर राहत की सांस ले ही रही थी कि खाड़ी क्षेत्र से चौंकाने वाली खबरें सामने आने लगी। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद ईरान के महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों पर भीषण धमाके हुए हैं। लवन और सिर्री आईलैंड स्थित रिफाइनरियों से उठती आग की लपटों ने न केवल शांति समझौते की नाजुकता को उजागर किया है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व को फिर से युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।
ईरानी तेल केंद्रों पर भीषण विस्फोट
ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार, लवन आईलैंड (Lavan Island) पर स्थित रिफाइनरी परिसर में एक के बाद एक कई शक्तिशाली धमाके हुए। इन विस्फोटों के बाद आसमान में धुएं का काला गुबार और आग के गोले देखे गए। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि यह तेल केंद्रों पर हमला (Attack on Oil Facilities) ठीक उस समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सैन्य अभियानों पर रोक लगाने की बात कही थी। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि आग इतनी भीषण है कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है, जिससे ईरान की ऊर्जा आपूर्ति ठप होने का खतरा पैदा हो गया है।
खाड़ी में अचानक बढ़ा सैन्य तनाव
यह घटनाक्रम तब हुआ जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव (10-point peace proposal) को व्यावहारिक बताते हुए दो सप्ताह के लिए अभियानों को निलंबित करने का ऐलान किया था। ट्रंप ने पहले चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ‘होर्मुज’ को नहीं खोलता है, तो उसे सभ्यता के विनाश का सामना करना होगा। लेकिन समझौते के कुछ ही घंटों के भीतर ऊर्जा निर्यात के रीढ़ माने जाने वाले सिर्री आईलैंड और लवन पर हुए इन धमाकों ने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। सिर्री आईलैंड ईरान के कच्चे तेल के भंडारण और लोडिंग का मुख्य केंद्र है, जिसे निशाना बनाना वैश्विक तेल बाजार को अस्थिर करने की साजिश माना जा रहा है।
मिसाइल अटैक या गुप्त ऑपरेशन की आशंका?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन रहस्यमयी धमाकों के पीछे तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, संभव है कि सीजफायर लागू होने से ठीक पहले किए गए मिसाइल या ड्रोन हमलों का प्रभाव अब दिखाई दे रहा हो। दूसरा, यह किसी गुप्त सैन्य ऑपरेशन (Covert Military Operation) या प्रॉक्सी हमले का हिस्सा हो सकता है ताकि ईरान की आर्थिक क्षमता को पंगु बनाया जा सके। तीसरा, अत्यधिक दबाव और हमलों के बीच काम कर रही रिफाइनरियों में तकनीकी विफलता (Technical Failure) भी एक संभावना हो सकती है। हालांकि, ईरान सरकार ने अभी तक हताहतों का आधिकारिक विवरण साझा नहीं किया है।
यूएई की ओर बढ़ती मिसाइलें
शांति की उम्मीदों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने संदिग्ध मिसाइल और ड्रोन अटैक की पुष्टि की। यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके एयर डिफेंस प्रणालियों ने देश की सीमा की ओर आ रहे संदिग्ध खतरों को रोकने के लिए इंटरसेप्शन (Interception of missiles) शुरू कर दिया है। खाड़ी के आसमान में सुनाई दे रहे धमाके इसी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा हैं। यह घटना स्पष्ट करती है कि सीजफायर के औपचारिक ऐलान के बावजूद धरातल पर स्थितियां अभी भी विस्फोटक बनी हुई हैं और कोई गुप्त शक्ति इस शांति प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रही है।
ईरान की रिफाइनरियों में लगी आग और यूएई में मिसाइल इंटरसेप्शन ने ‘वर्ल्ड पीस’ के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या ट्रंप प्रशासन और ईरान सरकार इस नए संकट को टाल पाएंगे या खाड़ी क्षेत्र एक और भीषण संघर्ष की ओर बढ़ जाएगा।










