Iran Power Play: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी गतिरोध के बीच ईरान की राजधानी तेहरान में मंगलवार देर रात भारी तनाव देखा गया। कट्टरपंथी समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर विशाल रैलियां निकालीं, जिसमें ईरान की अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के जवान मोबाइल लॉन्चरों पर अपनी सबसे घातक बैलिस्टिक मिसाइलें प्रदर्शित करते नजर आए। यह शक्ति प्रदर्शन उस समय हुआ जब इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। सरकारी प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी अपनी कलाश्निकोव राइफलों के साथ मिसाइलों पर सवार होकर अमेरिका विरोधी नारेबाजी कर रहे थे, जिससे युद्ध की आशंका और गहरा गई है।
खोर्रमशहर-4 और क़द्र मिसाइल: क्लस्टर बमों का खौफनाक वारहेड
ईरान के सरकारी टीवी पर प्रसारित दृश्यों में सबसे ज्यादा चर्चा ‘खोर्रमशहर-4’ और ‘क़द्र’ (Qadr) बैलिस्टिक मिसाइलों की हो रही है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, ये मिसाइलें क्लस्टर म्यूनिशन (छोटे-छोटे बम) छोड़ने में सक्षम हैं, जो एक बड़े दायरे में तबाही मचा सकती हैं। खोर्रमशहर-4 वही मिसाइल है जिसने अतीत में सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर अपनी ताकत सिद्ध की है। इन मिसाइलों का सार्वजनिक प्रदर्शन अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए एक सीधा संदेश है कि यदि होर्मुज में नाकेबंदी जारी रही, तो ईरान अपने सैन्य संसाधनों का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप का यू-टर्न: सीजफायर बढ़ाने के पीछे की मजबूरी
बुधवार को मौजूदा सीजफायर की अवधि समाप्त होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला। शुरुआत में सीजफायर न बढ़ाने की जिद पर अड़े ट्रंप अब बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। उन्होंने एकतरफा फैसला लेते हुए सीजफायर की समय-सीमा को आगे बढ़ा दिया है। हालांकि, कूटनीतिक हलकों में इसे ट्रंप की मजबूरी माना जा रहा है। अपने इस फैसले को तर्कसंगत बनाने के लिए ट्रंप ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष अनुरोध का हवाला दिया है। ट्रंप ने संकेत दिया कि वे पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों को एक और मौका देना चाहते हैं।
होर्मुज पर चेतावनी: “ईरान का वजूद खत्म कर देंगे”
सीजफायर बढ़ाने के बावजूद ट्रंप के तेवर अभी भी आक्रामक बने हुए हैं। उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी। ट्रंप ने लिखा कि ईरान होर्मुज के रास्ते तेल बेचना चाहता है, लेकिन अगर उन्होंने अमेरिकी शर्तों को नहीं माना, तो कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो अमेरिका ईरान के नेताओं और देश के बाकी हिस्सों को खत्म करने से भी पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप का यह बयान दर्शाता है कि सीजफायर केवल एक रणनीतिक ठहराव है और युद्ध का खतरा अभी टला नहीं है।
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया: शांति की ओर बढ़ते कदम का स्वागत
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका द्वारा सीजफायर बढ़ाने के निर्णय को ‘तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम’ बताया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि यह फैसला कूटनीति और विश्वास बहाली के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। यूएन ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी कदम से बचें जिससे संघर्षविराम कमजोर हो। साथ ही, गुटेरेस ने पाकिस्तान के शांति प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि इस्लामाबाद वार्ता के जरिए कोई स्थायी समाधान निकल सकेगा, जिससे मिडिल ईस्ट में स्थिरता आए।









