Middle East War: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने न केवल अपने मुख्य दुश्मनों को निशाना बनाया, बल्कि क्षेत्र के 7 प्रमुख मुस्लिम देशों पर भी मिसाइलें दाग दी हैं। तेहरान की ओर से जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत और इराक स्थित ठिकानों पर भारी बमबारी की गई है। इस हमले ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है, क्योंकि ईरान ने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अपने पड़ोसी मुस्लिम देशों को सीधे निशाने पर लिया है। खबरों के मुताबिक, यूएई में इस हमले के कारण एक नागरिक की मौत हो गई है, जिससे खाड़ी देशों में भारी आक्रोश है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का सख्त रुख: “संप्रभुता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं”
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने ईरान की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि ईरान द्वारा उनके रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का घोर उल्लंघन है। यूएई ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और नागरिकों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यूएई की यह प्रतिक्रिया संकेत दे रही है कि वह इस बार केवल राजनयिक विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सैन्य जवाबी कार्रवाई पर भी विचार कर सकता है।
सऊदी अरब की चेतावनी: “भयानक परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे ईरान”
सऊदी अरब, जिसे ईरान का पुराना प्रतिद्वंद्वी माना जाता है, ने इस हमले के बाद “भयानक परिणामों” की चेतावनी दी है। ईरान ने सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को अपना निशाना बनाया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी के रक्षा मंत्री ने पिछले महीने ही वाशिंगटन का दौरा किया था, जहाँ उन्होंने ईरान के बढ़ते खतरों पर चर्चा की थी। सऊदी अरब का मानना है कि ईरान की यह आक्रामकता क्षेत्रीय स्थिरता को पूरी तरह नष्ट कर देगी। अब चर्चा तेज है कि क्या सऊदी अरब इस हमले के जवाब में अपनी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करेगा, क्योंकि उसने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा प्रहार माना है।
कतर और अन्य देशों में हलचल: अमेरिकी बेस पर निशाना
ईरान ने केवल सऊदी या यूएई ही नहीं, बल्कि कतर और कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों को भी दहला दिया है। कतर ने हमले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि ईरान ने उसकी सीमाओं का उल्लंघन किया है और इसका जवाब देने का अधिकार कतर के पास सुरक्षित है। मिडल ईस्ट के कुल 9 देशों में इस समय युद्ध जैसे हालात हैं। एक तरफ इजरायल और अमेरिका ईरान के भीतर तबाही मचा रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान ने पूरे क्षेत्र में फैले अमेरिकी सैन्य नेटवर्क पर हमला बोलकर जंग का दायरा बढ़ा दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: “ईरान में जल्द होगा सत्ता परिवर्तन”
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान पर किए जा रहे हमले अमेरिका और उसके सहयोगियों को सुरक्षित करने के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने दावा किया कि अयातुल्ला अली खामेनेई का शासन अब अपने अंतिम दिनों में है और जल्द ही ईरान में तख्तापलट होगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य केवल जवाबी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ईरान के भीतर मौजूद उस नेतृत्व को खत्म करना है जो दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है। ‘ऑपरेशन’ अभी जारी है और आने वाले कुछ घंटे मध्य पूर्व का भविष्य तय करेंगे।
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