Middle East Crisis: मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। लगातार हमलों के बीच अब ईरान ने भी खुलकर जवाब देने की तैयारी का संकेत दे दिया है। सरकारी प्रवक्ता ने सख्त लहजे में कहा कि संघर्ष की शुरुआत भले ही इजरायल ने की हो, लेकिन इसे समाप्त करने का फैसला ईरान करेगा। यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव को और अधिक स्पष्ट करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो क्षेत्र व्यापक युद्ध की ओर बढ़ सकता है। ईरान ने अपने सैन्य ढांचे को अलर्ट पर रखा है और सुरक्षा एजेंसियों को संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है।
राजधानी समेत छह बड़े शहरों में हमलों की बौछार
आज सुबह से इजरायल की ओर से हमलों का सिलसिला तेज हो गया। सबसे पहले राजधानी तेहरान को निशाना बनाया गया। इसके बाद राष्ट्रपति निवास के आसपास भी धमाकों की खबरें सामने आईं। ताजा सूचनाओं के अनुसार, ईरान के कम से कम छह प्रमुख शहरों पर हमले किए गए हैं। इनमें कुछ संवेदनशील और रणनीतिक ठिकाने भी शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि खुफिया एजेंसियों से जुड़े कुछ ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा कई क्षेत्रों में आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
तेहरान में धमाकों से दहशत, कई इलाकों में धुएं के गुबार
राजधानी तेहरान के विभिन्न इलाकों से तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। कई स्थानों पर धुएं के घने गुबार उठते देखे गए। स्थानीय मीडिया ने विस्फोटों की पुष्टि करते हुए बताया कि सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार के क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है। हमलों के बाद लोगों में भय और अनिश्चितता का माहौल है। कई नागरिक सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए। सरकारी अधिकारियों ने आपात बैठकें कीं और स्थिति की समीक्षा की। अस्पतालों और आपदा प्रबंधन टीमों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात परिस्थिति से निपटा जा सके।
परमाणु वार्ता के बीच बढ़ा तनाव, अमेरिका की भूमिका अहम
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी थी। हालांकि अब तक किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई थी। अमेरिका लगातार यह मांग करता रहा है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन को पूरी तरह बंद करे और अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे। वहीं ईरान अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए आवश्यक बताता है और बाहरी दबाव स्वीकार करने से इनकार करता रहा है। इन मतभेदों के कारण पहले से ही तनावपूर्ण माहौल और अधिक जटिल हो गया है। विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा हमले कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर कर सकते हैं।
इजरायल का बयान, नागरिकों को सतर्क रहने की अपील
इजरायल ने मौजूदा स्थिति को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है। सरकार का कहना है कि देश के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने लोगों से गृह मोर्चा कमान द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है। एहतियात के तौर पर शैक्षिक संस्थानों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और गैर-जरूरी कार्यालयों को अस्थायी रूप से बंद करने के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने तक ये प्रतिबंध लागू रहेंगे। सुरक्षा बलों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे का तुरंत सामना किया जा सके।









