Iran Israel Conflict: इजरायल पर ईरान का जवाबी वार, बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला

मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है जब ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से जवाबी हमला किया। सीजफायर के बाद यह सबसे बड़ा सैन्य टकराव माना जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ गई है और वैश्विक चिंता गहराती जा रही है।

इजरायल पर ईरान का जवाबी वार

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 8, 2026

Iran Israel Conflict: मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। अप्रैल में लागू हुए सीजफायर के बाद पहली बार ईरान की सैन्य कार्रवाई ने इजरायल को सीधे निशाना बनाया है। इस ताजा हमले ने क्षेत्र में शांति की उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और संघर्ष के फिर से तेज होने की आशंका बढ़ा दी है। यह हमला उस समय हुआ जब ईरान ने एक दिन पहले ही जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। वहीं दूसरी ओर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालात सामान्य होने और समझौते की उम्मीद जताई थी, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।

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इजरायल पर मिसाइल हमला और अलर्ट

ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले के बाद इजरायल के कई हिस्सों में सायरन बजने लगे, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। नागरिक सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। इजरायली सेना के अनुसार, उन्होंने इस हमले में दागी गई कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का दावा किया गया है, जबकि उत्तरी क्षेत्रों में धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं।

ईरान का जवाबी रुख और बयान

ईरान ने इजरायल द्वारा बेरूत के दक्षिणी हिस्सों पर किए गए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की है। ईरानी सेना ने कहा कि यह हमला एक स्पष्ट संदेश है और भविष्य में किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बयान जारी करते हुए कहा कि यदि हमले जारी रहते हैं तो जवाब और भी तीव्र होगा। इसमें अमेरिका और इजरायल के सभी ठिकाने शामिल हो सकते हैं। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय समुद्री मार्गों में सुरक्षा स्थिति पर भी चिंता जताई गई है।

सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना

IRGC के अनुसार, इस हमले में इजरायल के रामत डेविड एयर बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। इसे एक चेतावनी कार्रवाई बताया गया है। ईरान ने दावा किया कि यह हमला आत्मरक्षा में किया गया और इसका उद्देश्य भविष्य की किसी भी आक्रामकता को रोकना था। ईरान का यह भी कहना है कि उसने सीजफायर का पालन केवल इसलिए किया था क्योंकि सभी पक्षों ने युद्धविराम का पालन करने की बात कही थी, लेकिन उनके अनुसार अमेरिका और इजरायल ने इसका पालन नहीं किया।

इजरायल की प्रतिक्रिया और चेतावनी

हमले के बाद इजरायल ने भी कड़ा रुख अपनाया है। इजरायली सेना ने चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। सेना के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने हमला करके गंभीर गलती की है और इसके परिणाम भुगतने होंगे। इजरायली सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि उन्हें आदेश मिलते ही जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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क्षेत्रीय स्थिरता पर संकट

इस ताजा घटनाक्रम ने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता की स्थिति पैदा कर दी है। लगातार बदलते हालात और जवाबी हमलों की चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति नियंत्रण में नहीं लाई गई तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।