Hormuz Strait firing : होर्मुज स्ट्रेट में ईरान का खौफनाक वीडियो, नकाबपोश जवानों ने फायरिंग कर मालवाहक जहाज को घेरा

होर्मुज की लहरों पर कोहराम! ईरान के सरकारी टीवी ने एक चौंकाने वाला वीडियो जारी किया है, जिसमें IRGC के मास्क पहने कमांडो 'MSC Francesca' और 'Epaminondas' जैसे विशाल जहाजों पर रस्सियों के सहारे उतरते और गोलियां चलाते दिख रहे हैं। क्या ये जहाज अब कभी अपनी मंजिल तक पहुँच पाएंगे? देखिए पूरी रिपोर्ट।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 23, 2026

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Hormuz Strait firing :  पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने समुद्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में ईरान द्वारा कई अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाजों को अपने कब्जे में लेने की खबरें हैं। ईरान ने इस ऑपरेशन का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी जारी किया है, जिसमें ईरानी सैनिक समुद्र में फायरिंग करते हुए जहाजों को रोकते और उन पर नियंत्रण करते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग पर दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

ऑपरेशन का खौफनाक वीडियो: नकाबपोश बंदूकधारियों ने जहाज को घेरा

IRGC द्वारा साझा किए गए फुटेज में देखा जा सकता है कि नकाबपोश बंदूकधारी छोटी तेज रफ्तार नावों के जरिए विशाल मालवाहक जहाजों का घेराव करते हैं। वीडियो में कमांडो बड़ी फुर्ती से सीढ़ियों के सहारे जहाज के डेक पर चढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। हथियारों से लैस ये सैनिक जहाज के गलियारों (कॉरिडोर) में तैनात होकर चालक दल को बंधक बना लेते हैं और पूरे जहाज का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं। इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने प्रतिक्रिया देते हुए समुद्री नाकेबंदी के तहत लगभग 31 जहाजों को सुरक्षा कारणों से वापस लौटने या सुरक्षित बंदरगाहों की ओर जाने का निर्देश दिया है।

एमएससी-फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास सहित तीन प्रमुख जहाजों पर कार्रवाई

ईरानी नौसेना ने विशेष रूप से तीन बड़े जहाजों—एमएससी-फ्रांसेस्का, एपामिनोंडास और यूफोरिया को निशाना बनाया है। रिपोर्टों के अनुसार, ‘एपामिनोंडास’ जहाज ने ईरानी सेना की शुरुआती चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया था, जिसके जवाब में IRGC ने उस पर गोलीबारी की। इसके बाद ‘यूफोरिया’ को रोका गया और अंततः दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी ‘मेडिटेरेनन शिपिंग कंपनी’ (MSC) के बेड़े में शामिल ‘एमएससी-फ्रांसेस्का’ को भी जब्त कर लिया गया। ईरान का दावा है कि ये जहाज संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे और उनकी चेतावनी का पालन नहीं कर रहे थे।

समुद्री नियमों का उल्लंघन: नेविगेशन सिस्टम बंद करने का गंभीर आरोप

ईरान ने अपनी इस कड़ी सैन्य कार्रवाई को कानूनी रूप से सही ठहराते हुए कहा है कि इन जहाजों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन किया है। जब्त किए गए जहाजों पर आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के संवेदनशील जलक्षेत्र में प्रवेश किया और अपनी पहचान छिपाने के लिए जानबूझकर नेविगेशन सिस्टम और लोकेशन ट्रैकर बंद कर दिए थे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में इन जहाजों के दस्तावेजों और उनमें लदे सामान की गहन जांच की जा रही है। इस घटना के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और अन्य आवश्यक वस्तुओं के व्यापार पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।

ट्रंप की शांति वार्ता और व्यापारिक संकट: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

यह सैन्य गतिरोध ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता के लिए सीजफायर की मियाद बढ़ाई थी। हालांकि, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की आर्थिक नाकेबंदी भी शुरू कर दी है, जिसे ईरान अपनी संप्रभुता पर हमला बता रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग पर बढ़ता सैन्य तनाव न केवल पश्चिम एशिया की स्थिरता को प्रभावित करेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को एक बड़े संकट में धकेल सकता है।

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