ईरान ने बदल दिया अपना टारगेट, अमेरिका को चोट पहुँचाने के लिए दिया नया अल्टीमेटम

तेहरान  अमेरिका ने जंग में भले ही थमने का ऐलान कर दिया है लेकिन बावजूद इसके ईरान ने जंग में रुकने का अपनी ओर से कोई संकेत नहीं दिया है. ईरान ने कहा है कि अब पश्चिम एशिया के जिन जिन होटलों में अमेरिकी सैनिक ठहरे हैं उन्हें टारगेट किया जाएगा. ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि पूरे क्षेत्र में जिन होटलों में अमेरिकी सैनिक ठहरे हुए हैं, वे युद्ध में उसके निशाने पर होंगे. और एक एक पर हमला किया जाएगा. ईरान ने पश्चिम एशिया के देशों के होटल मालिकों को अल्टीमेटम दिया है कि वे अपने

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Published On :

मार्च 27, 2026

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तेहरान 
अमेरिका ने जंग में भले ही थमने का ऐलान कर दिया है लेकिन बावजूद इसके ईरान ने जंग में रुकने का अपनी ओर से कोई संकेत नहीं दिया है. ईरान ने कहा है कि अब पश्चिम एशिया के जिन जिन होटलों में अमेरिकी सैनिक ठहरे हैं उन्हें टारगेट किया जाएगा. ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि पूरे क्षेत्र में जिन होटलों में अमेरिकी सैनिक ठहरे हुए हैं, वे युद्ध में उसके निशाने पर होंगे. और एक एक पर हमला किया जाएगा. ईरान ने पश्चिम एशिया के देशों के होटल मालिकों को अल्टीमेटम दिया है कि वे अपने होटल में अमेरिकी सैनिकों को न रहने दें। 

 ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी सैनिकों पर खाड़ी सहयोग परिषद देशों के लोगों को 'मानव ढाल' के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, "इस युद्ध की शुरुआत से ही अमेरिकी सैनिक GCC में अपने मिलिट्री बेस छोड़कर होटलों और दफ़्तरों में छिपने के लिए भाग गए। 

उन्होंने इस क्षेत्र के होटलों से अपील की कि वे उन्हें बुकिंग न दें. फार्स न्यूज एजेंसी ने कुछ अनाम सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान ने इस क्षेत्र के होटलों को सकर संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन में सख्त चेतावनी जी है। 

क्या हम हाथ धरे बैठे रहें
ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता अबोलफ़ज़ल शेकरची ने सरकारी टेलीविजन पर कहा, "जब सभी अमेरिकी फोर्स किसी होटल में जाते हैं, तो हमारे नजरिए से वह होटल 'अमेरिकी' बन जाता है." "क्या हमें बस हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना चाहिए और अमेरिकियों को हम पर हमला करने देना चाहिए? जब हम जवाब देंगे, तो जाहिर है हमें वहीं हमला करना होगा जहां वे मौजूद हैं। 

सीरिया, लेबनान, जिबूती को अल्टीमेटम
एजेंसी ने आगे बताया कि ईरान की सेना ने सीरिया, लेबनान और जिबूती में भी अमेरिकी सेना को इसी तरह की जगहों का इस्तेमाल करते हुए पहचाना है. ईरान अपने पड़ोसी देशों पर अमेरिकी सेना को अपनी जमीन से हमले करने की इजाजत देने का आरोप लगाता रहा है, किन खाड़ी देशों ने इन आरोपों को बार-बार नकारा है.उन्होंने युद्ध शुरू होने से पहले ही साफ कर दिया था कि वे अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए नहीं होने देंगे। 

ईरान ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के होटल मालिकों को "अल्टीमेटम" जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अमेरिकी सैन्य कर्मियों को ठहराने से वे हमारे लिए टारगेट बन सकते हैं। 

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी सैन्य कर्मियों ने पूरे क्षेत्र में सिविलियन इलाकों में अपनी उपस्थिति स्थापित कर ली है, जिसमें बेरूत के पुराने हवाई अड्डे के पास एक लॉजिस्टिक्स बेस और दमिश्क के रिपब्लिक पैलेस, फोर सीजन्स और शेरेटन होटल शामिल है. खबरों के अनुसार, अमेरिकी मरीन को इस सप्ताह इस्तांबुल और सोफिया होते हुए जिबूती अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित किया गया है। 

ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 83वीं लहर
इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उसने "ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4" की 83वीं लहर शुरू की है, जिसमें इजरायली सैन्य ठिकानों और अमेरिका से जुड़ी केंद्रों को निशाना बनाया गया है। 

IRGC ने दावा किया कि उसने अशदोद में तेल भंडारण स्थलों, मोदीन में सैन्य ठिकानों और खुफिया जानकारी से जुड़ी सुविधाओं पर हमले किए हैं। 

उसने अल धाफरा, अल उदीद, अली अल सलेम और शेख ईसा सहित अमेरिकी ठिकानों पर भी हमलों की जानकारी दी, जिसमें ईंधन डिपो, विमान हैंगर, ड्रोन और पैट्रियट सिस्टम के रखरखाव स्थलों को निशाना बनाया गया। 

खबरों के अनुसार इस ऑपरेशन में लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइलों, मल्टी-वॉरहेड सिस्टम और लोइटरिंग अटैक ड्रोन का मिला-जुला इस्तेमाल किया गया. IRGC ने कहा कि यह हमला उसकी नौसेना और एयरोस्पेस बलों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था और ये ऑपरेशन जारी रहेंगे। 

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