Isreal-Iran War: ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) को अपनी चपेट में ले लिया है। ईरान समर्थित समूहों द्वारा किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों ने संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंता बढ़ा दी है। हालिया घटनाक्रमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध का केंद्र अब केवल गाजा या लेबनान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर अब दुबई जैसे वैश्विक व्यापारिक केंद्रों तक पहुंच चुका है।
Iran Crisis: सोनिया गांधी का पीएम मोदी पर प्रहार, ईरान मामले में चुप्पी को बताया बड़ी चूक
दुबई में आत्मघाती ड्रोन का कहर
बताते चले कि, सोशल मीडिया पर हाल ही में कुछ भयावह वीडियो सामने आए हैं, जिनमें दुबई के आसमान में आत्मघाती ड्रोन (Suicide Drones) उड़ते देखे गए। रिपोर्टों के अनुसार, इन ड्रोनों ने शहर के महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बनाया। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही ड्रोन एक इमारत के समीप पहुंचता है, एक जोरदार धमाका होता है। इस हमले के बाद चारों तरफ आग की लपटें और धुएं का गुबार छा गया, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई। आम नागरिकों के बीच इस हमले ने भारी डर और असुरक्षा पैदा कर दी है।
अल मिन्हाद एयर बेस पर निशाना
ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उसका प्राथमिक लक्ष्य क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य टुकड़ियां थी। इसी कड़ी में, संयुक्त अरब अमीरात स्थित अल मिन्हाद एयर बेस (Al Minhad Air Base) को भी निशाना बनाया गया है। इस बेस पर ऑस्ट्रेलियाई सैनिक तैनात हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री ने राहत भरी खबर देते हुए बताया कि हमले के बावजूद उनके सभी सैनिक सुरक्षित हैं, लेकिन बेस के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और तनाव चरम पर है।
रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती शत्रुता का एक और बड़ा उदाहरण सऊदी अरब की राजधानी रियाद में देखने को मिला। ईरानी सेना ने कथित तौर पर रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास (US Embassy) पर दो आत्मघाती ड्रोन दागे। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ड्रोनों को ट्रैक तो किया गया था, लेकिन विस्फोट के प्रभाव से दूतावास परिसर में भीषण आग लग गई। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि दूतावास जैसे राजनयिक ठिकानों पर हमला युद्ध के नियमों का बड़ा उल्लंघन माना जाता है।
वैश्विक कूटनीति पर संकट
पिछले 24 घंटों में मिडिल ईस्ट में अमेरिकी दूतावासों और सैन्य ठिकानों पर हुए इन श्रृंखलाबद्ध हमलों ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच यह सीधा टकराव नहीं रुका, तो यह एक पूर्ण पैमाने के क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। फिलहाल, सभी देश अपनी रक्षा प्रणालियों को हाई अलर्ट पर रखे हुए हैं और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
Iran संकट पर बोले Donald Trump,ओबामा-बाइडेन की ‘भयानक डील’ ने दुनिया को खतरे में डाला










