Iran US War 2026 : ईरान का बड़ा दावा, ‘विफल रहा अमेरिकी रेस्क्यू ऑपरेशन, हमने मार गिराए कई विमान’

दावों की जंग! ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया है कि इसफहान में अमेरिकी पायलट को बचाने का मिशन पूरी तरह विफल रहा और ईरानी सेना ने 2 ब्लैक हॉक और 1 सी-130 विमान मार गिराए। ट्रंप के 'सफल रेस्क्यू' के दावे के बीच ईरान की इन तस्वीरों ने दुनिया को उलझा दिया है।

Iran US War 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 5, 2026

Iran US War 2026 : मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी भीषण युद्ध के बीच एक बेहद नाटकीय और जोखिम भरा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सेना ने ईरान की सीमा के भीतर घुसकर एक गुप्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और पिछले 48 घंटों से लापता अपने एयरफोर्स ऑफिसर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन की पुष्टि करते हुए इसे अमेरिकी सैन्य इतिहास के सबसे साहसी ‘सर्च एंड रेस्क्यू’ ऑपरेशनों में से एक बताया है। यह अधिकारी, जो एक सम्मानित कर्नल रैंक के पायलट हैं, ईरान द्वारा उनका F-15E फाइटर जेट मार गिराए जाने के बाद से दुश्मन के इलाके में फंसे हुए थे।

ईरान का बड़ा दावा: रेस्क्यू मिशन में मारे गए 5 अमेरिकी सैनिक

एक तरफ अमेरिका इस मिशन को सफल बता रहा है, वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस अभियान को लेकर अलग ही तस्वीर पेश की है। IRGC के तहत खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB से बात करते हुए दावा किया कि अमेरिकी पायलट को बचाने का मिशन पूरी तरह विफल रहा। उनके अनुसार, इस्फहान के दक्षिणी क्षेत्र में ईरानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के दो ‘ब्लैक हॉक’ हेलीकॉप्टर और एक C-130 सपोर्ट विमान को मार गिराया। ईरान का दावा है कि इस सैन्य टकराव में 5 लोग मारे गए हैं और अमेरिकी विमान अब भी जल रहे हैं।

ईरान की धरती पर घुसपैठ और विशेष सैन्य दस्तों की भिड़ंत

अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस बचाव कार्य में अमेरिका के सैकड़ों विशेष अभियान दल (Special Operations Forces) शामिल थे। ये कमांडो अपने पायलट को बचाने के लिए ईरान के भीतरी इलाकों में काफी गहराई तक घुस गए थे। मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें दक्षिण इस्फहान में मलबे और धुएं के गुबार दिखाई दे रहे हैं। ईरान का कहना है कि दुश्मन ने उनकी संप्रभुता का उल्लंघन किया, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया है। इब्राहिम जोल्फागरी ने स्पष्ट किया कि ईरानी डिफेंस सिस्टम ने घुसपैठ करने वाले विमानों को निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया है।

पायलट पर घोषित था 60 हजार डॉलर का इनाम

दिलचस्प बात यह है कि जिस पायलट को बचाने के लिए अमेरिका ने पूरी ताकत झोंक दी, उसे पकड़ने के लिए ईरान ने भी एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा था। ईरानी अधिकारियों ने पायलट का पता बताने या उसे पकड़वाने में मदद करने वाली किसी भी जानकारी के लिए 60,000 डॉलर के भारी-भरकम इनाम की घोषणा की थी। ईरान चाहता था कि अमेरिकी कर्नल को युद्ध बंदी बनाकर सौदेबाजी की जाए, लेकिन अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। 48 घंटों तक मौत से जूझने के बाद आखिरकार वह पायलट सुरक्षित ठिकाने पर पहुंच गया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भावुक पोस्ट और पायलट की स्थिति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस कामयाबी का जश्न मनाया। उन्होंने लिखा, ‘मेरे साथी अमेरिकियों, मुझे आपको यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हमारे शानदार क्रू मेंबर अब सुरक्षित हैं।’ ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान में रेस्क्यू किया गया सैनिक घायल है, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही पूरी तरह ठीक हो जाएगा। ट्रंप ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाले सैनिकों की बहादुरी की जमकर तारीफ की। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच इस सीधी सैन्य भिड़ंत ने अब मिडिल ईस्ट में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका को और ज्यादा गहरा दिया है।

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