Iran-US War: ईरान ने मार गिराया अमेरिकी F-15 विमान, लापता पायलट को जिंदा पकड़ने पर 50 लाख के इनाम का ऐलान

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे महायुद्ध में शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को एक अमेरिकी F-15E विमान को ईरानी एयर डिफेंस ने मार गिराया। एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन दूसरा लापता है। ईरानी मीडिया ने अब उसे जिंदा पकड़ने वाले के लिए बड़े इनाम की घोषणा की है।

Iran-US War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 4, 2026

Iran-US War:  मिडल ईस्ट में चल रहा संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसकी सेना ने अमेरिका के अत्याधुनिक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। इस घटना के बाद से एक अमेरिकी पायलट ईरान की सीमा के भीतर लापता है, जिसकी तलाश अब दोनों देशों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। ईरान की नियमित सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान छेड़ दिया है। यह स्थिति वाशिंगटन के लिए अत्यधिक तनावपूर्ण हो गई है, क्योंकि पायलट का दुश्मन के हाथ लगना कूटनीतिक और सैन्य रूप से बड़ी हार मानी जाएगी।

पायलट की गिरफ्तारी पर इनाम: स्थानीय प्रशासन का बड़ा दांव

ईरान ने न केवल सैन्य स्तर पर बल्कि नागरिक स्तर पर भी पायलट को पकड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के गवर्नर ने घोषणा की है कि जो कोई भी दुश्मन के इस सैनिक को पकड़कर प्रशासन को सौंपेगा, उसे 10 अरब तोमान (लगभग 55 लाख रुपये) का इनाम दिया जाएगा। स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें। अमेरिका के लिए यह खबर किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है, क्योंकि जीवित पायलट का पकड़ा जाना उसे युद्ध में बंधक बनाए जाने की स्थिति की ओर धकेलेगा, जिससे अमेरिका पर दबाव और बढ़ जाएगा।

रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा: अमेरिका और ईरान के बीच सीधी भिड़ंत

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुए F-15E विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे। राहत की बात यह रही कि एक पायलट को शुक्रवार को ही सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, लेकिन दूसरा अभी भी लापता है। लापता अधिकारी को ढूंढने के लिए अमेरिका ने लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों की एक टुकड़ी भेजी थी। हालांकि, ईरान की ओर से इन बचाव विमानों पर भी भारी गोलीबारी की गई। अमेरिकी विमानों को बिना सफलता के ही सुरक्षित क्षेत्र में वापस लौटना पड़ा। इसी बीच, ईरान ने एक और दावा किया है कि उन्होंने एक A-10 विमान को भी निशाना बनाया, जो कुवैत की सीमा में जाकर क्रैश हो गया।

23 साल बाद बड़ी क्षति: इराक युद्ध के बाद अमेरिका को लगा झटका

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना अमेरिकी वायुसेना के लिए पिछले दो दशकों का सबसे बड़ा आघात है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2003 के इराक युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी सक्रिय युद्ध क्षेत्र में अमेरिका का लड़ाकू विमान मार गिराया गया है। F-15 जैसे विमान को अब तक अजेय माना जाता था, लेकिन ईरान की वायु रक्षा प्रणाली ने इस मिथक को चुनौती दी है। यदि लापता पायलट जिंदा पकड़ा जाता है और ईरान उसे मोहरा बनाता है, तो यह युद्ध को और अधिक हिंसक और अनियंत्रित बना सकता है।

ईरान का ट्रंप पर तंज और अमेरिकी राजनीति में हलचल

इस पूरी घटनाक्रम के बीच ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जो अमेरिका पहले ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) की बात कर रहा था, वह अब केवल अपने एक लापता पायलट को खोजने तक सीमित होकर रह गया है। वहीं, अमेरिका के भीतर भी इस युद्ध को लेकर दो फाड़ नजर आ रहे हैं। अमेरिकी जनता और कुछ राजनेता राष्ट्रपति ट्रंप को वियतनाम और इराक युद्ध की याद दिला रहे हैं। हालांकि, इन विरोधों के बावजूद अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में हजारों अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर दी है, जिससे किसी भी वक्त जमीनी हमले (Ground Operation) की शुरुआत होने की प्रबल आशंका बनी हुई है।

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